📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
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सुप्रीम कोर्ट ने 2011 की भर्ती को वैध मानने वाले कर्नाटक कानून को रद्द किया
✍️ India Today
🗓 30 अक्टू. 2026, 03:46 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने 2011 की विवादास्पद भर्ती को वैध मानने वाले कर्नाटक कानून को रद्द कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कर्नाटक के उस कानून को रद्द कर दिया, जिसने 2011 की भर्ती प्रक्रिया को वैध ठहराने की कोशिश की थी, जिसमें कई अनियमितताओं के आरोप लगे थे। यह विधेयक राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, पर कोर्ट ने इसे संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध पाया।
निर्णय में न्यायालय ने कहा कि प्रक्रिया में त्रुटियों वाले किसी भी भर्ती को बाद में कानून द्वारा वैध नहीं ठहराया जा सकता। इस फैसले से 2011 की नियुक्तियों की वैधता समाप्त हो गई है और उन्हें पुनः जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रभावित उम्मीदवारों के लिए व्यापक प्रभाव डाल सकता है और अन्य राज्यों को भी समान कानूनों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। कोर्ट ने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समयसीमा नहीं दी, जिससे कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरणों पर है।
कर्नाटक सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस आदेश के अनुपालन के लिए अपना उत्तर प्रस्तुत करे और 2011 की भर्ती से जुड़े आवेदकों की शिकायतों का समाधान निकाले।
निर्णय में न्यायालय ने कहा कि प्रक्रिया में त्रुटियों वाले किसी भी भर्ती को बाद में कानून द्वारा वैध नहीं ठहराया जा सकता। इस फैसले से 2011 की नियुक्तियों की वैधता समाप्त हो गई है और उन्हें पुनः जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रभावित उम्मीदवारों के लिए व्यापक प्रभाव डाल सकता है और अन्य राज्यों को भी समान कानूनों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। कोर्ट ने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समयसीमा नहीं दी, जिससे कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरणों पर है।
कर्नाटक सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस आदेश के अनुपालन के लिए अपना उत्तर प्रस्तुत करे और 2011 की भर्ती से जुड़े आवेदकों की शिकायतों का समाधान निकाले।