📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA
राजनीति
दक्षिणी राज्य बनाते हैं गठबंधन, सीमांकन, भाषा और कर मुद्दों को लेकर
✍️ business-standard.com
🗓 07 सित. 2026, 08:26 AM
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दक्षिणी भारतीय राज्यों ने सीमांकन, भाषा नीति और कर सुधारों को लेकर अपने चिंताओं को एक साथ उठाने के लिए गठबंधन किया है।
दक्षिणी राज्यों ने आगामी चुनावी दौर से पहले उभर रहे तीन प्रमुख मुद्दों पर एकजुट रुख अपनाने के लिए गठबंधन किया है। इस मंच की घोषणा कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में की गई, जहाँ क्षेत्रीय हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी गई।\n\nसबसे पहला मुद्दा है सीमांकन प्रक्रिया, जो आगामी जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को पुनः निर्धारित करेगी। दक्षिणी विधायक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं को ध्यान में नहीं रखा गया तो उनके प्रतिनिधित्व में असंतुलन हो सकता है।\n\nदूसरा प्रमुख बिंदु भाषा नीति है। नेताओं ने बताया कि हालिया प्रस्तावों से तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की स्थिति शिक्षा और प्रशासन में कमजोर हो सकती है।\n\nतीसरा मुद्दा कर सुधारों से जुड़ा है, विशेषकर वस्तु एवं सेवा कर (GST) में हालिया बदलावों के कारण राज्य की आय पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर। राज्यों ने अधिक वित्तीय स्वायत्तता और भविष्य के कर समायोजन में परामर्शी प्रक्रिया की मांग की है।\n\nहालांकि यह गठबंधन केंद्र सरकार के विरुद्ध नहीं है, लेकिन इसके सदस्य चाहते हैं कि दक्षिणी राज्यों की सामाजिक‑आर्थिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए कोई भी निर्णय लिया जाए।