📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / आर्या जोशी
धर्म
सोलुंग महोत्सव ने अरुणाचल में आदिवासी संस्कृति को उजागर किया
✍️ India Today NE
🗓 01 सित. 2026, 08:37 PM
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अरुणाचल प्रदेश में आयोजित वार्षिक सोलुंग महोत्सव में आदि समुदाय की पारम्परिक नृत्य, संगीत और रीति‑रिवाज़ों का प्रदर्शन हुआ।
अरुणाचल प्रदेश ने आदि जनजाति के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम सोलुंग महोत्सव का आयोजन किया। राज्य के विभिन्न गांव और शहरों में पारम्परिक संगीत, नृत्य और अनुष्ठानिक रीति‑रिवाज़ों को दर्शाते कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आयोजकों ने बताया कि सोलुंग केवल फसल के अंत का जश्न नहीं, बल्कि आदि संस्कृति को संरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण मंच है। रंगीन पोशाकों में सजे नर्तक ऐतिहासिक कथाओं को प्रस्तुत करते रहे, जबकि लोकगायक प्राचीन गीत गाते रहे।
स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थाओं ने मिलकर इस महोत्सव के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ और मीडिया कवरेज सुनिश्चित किया, ताकि उत्तरपूर्व भारत की स्वदेशी विरासत में रुचि रखने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित किया जा सके। समारोह का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिससे आदि समुदाय के बीच सामाजिक बंधन मजबूत हुए।
आयोजकों ने बताया कि सोलुंग केवल फसल के अंत का जश्न नहीं, बल्कि आदि संस्कृति को संरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण मंच है। रंगीन पोशाकों में सजे नर्तक ऐतिहासिक कथाओं को प्रस्तुत करते रहे, जबकि लोकगायक प्राचीन गीत गाते रहे।
स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थाओं ने मिलकर इस महोत्सव के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ और मीडिया कवरेज सुनिश्चित किया, ताकि उत्तरपूर्व भारत की स्वदेशी विरासत में रुचि रखने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित किया जा सके। समारोह का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिससे आदि समुदाय के बीच सामाजिक बंधन मजबूत हुए।