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28 सित. 2026•
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सिक्किम में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड का जोखिम बढ़ा, अधिकारियों ने चेतावनी दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Yoghya Derivative work: UnpetitproleX
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सिक्किम में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड का जोखिम बढ़ा, अधिकारियों ने चेतावनी दी

✍️ India.com 🗓 05 सित. 2026, 11:18 AM 👁 33
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राज्य अधिकारियों ने सिक्किम में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के संभावित जोखिम को उजागर किया, जलवायु‑प्रेरित बर्फ़ पिघलने के कारण सतर्कता बढ़ाने की अपील की।

सिक्किम के राज्य अधिकारियों ने ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के बढ़ते खतरे को लेकर सतर्कता जारी की है, जिसमें हिमालयी क्षेत्र में बर्फ़ पिघलने की गति में वृद्धि को मुख्य कारण बताया गया है। India.com द्वारा रिपोर्ट किए गए इस चेतावनी में कहा गया है कि कई ऊँचे स्तर के झीलें यदि अपनी प्राकृतिक बांधों से टूट गईं तो बड़ी मात्रा में पानी नीचे की घाटियों में बह सकता है।

GLOF तब होता है जब बर्फ़ या मोराइन से बनी झील की बाधा टूट जाती है, जिससे बाढ़ का जल प्रवाह तेज़ी से नीचे की ओर बहता है। सिक्किम की तीव्र ढाल वाली भू-रचना और कई ग्लेशियल झीलें इसे इस प्रकार की आपदा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं, खासकर जब तापमान में वृद्धि से बर्फ़ पिघलने की दर तेज़ हो रही है।

अधिकारियों ने कहा है कि वे पहचानी गई झीलों की निगरानी को सुदृढ़ कर रहे हैं, रिमोट‑सेंसिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं। नीचे के जिलों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित बाढ़ के संकेत मिलने पर निकासी प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।
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