📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Bureau, Government of India
विज्ञान
सिक्किम शिक्षा मंत्री राजू बास्नेत ने कहा, कम्प्यूटेशनल गणित से भविष्यवाणी संभव
✍️ Moneycontrol.com
🗓 30 अक्टू. 2026, 02:32 AM
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सिक्किम के शिक्षा मंत्री राजू बास्नेत ने बताया कि कम्प्यूटेशनल गणित से भू-स्खलन और मौसम जोखिमों की भविष्यवाणी संभव है, जिससे आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी।
सिक्किम के शिक्षा मंत्री राजू बास्नेत ने बताया कि उन्नत कम्प्यूटेशनल गणित भू‑प्रकृति और मौसम डेटा का विश्लेषण करके भू‑स्खलन व गंभीर मौसम घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकता है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य, जो मानसून के दौरान अक्सर भू‑स्खलन से प्रभावित होता है, इन मॉडल्स से समय पर चेतावनी जारी कर सकता है।
बास्नेत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन एल्गोरिदम को राज्य की आपदा‑प्रबंधन प्रणाली में एकीकृत करने से जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी साझेदारों को स्थानीयकृत पूर्वानुमान उपकरण विकसित करने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार उपग्रह छवियों, सेंसर नेटवर्क और मशीन‑लर्निंग तकनीकों को मिलाकर जोखिम मूल्यांकन के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स पर विचार कर रही है, जिससे संवेदनशील जिलों में वास्तविक‑समय में जोखिम का आकलन हो सके।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो यह अन्य भारतीय राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है, जो समान भू‑भौतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, और तकनीक‑आधारित लचीलापन के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, पर बास्नेत ने आश्वासन दिया कि इस पहल को आगामी वित्तीय योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
बास्नेत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन एल्गोरिदम को राज्य की आपदा‑प्रबंधन प्रणाली में एकीकृत करने से जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी साझेदारों को स्थानीयकृत पूर्वानुमान उपकरण विकसित करने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार उपग्रह छवियों, सेंसर नेटवर्क और मशीन‑लर्निंग तकनीकों को मिलाकर जोखिम मूल्यांकन के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स पर विचार कर रही है, जिससे संवेदनशील जिलों में वास्तविक‑समय में जोखिम का आकलन हो सके।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो यह अन्य भारतीय राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है, जो समान भू‑भौतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, और तकनीक‑आधारित लचीलापन के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, पर बास्नेत ने आश्वासन दिया कि इस पहल को आगामी वित्तीय योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।