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मौसम
सिक्किम ने 16 ग्लेशियल झीलों की निगरानी के लिए सेंसर लगाए, बाढ़ जोखिम घटाने की पहल
✍️ Moneycontrol.com
🗓 02 सित. 2026, 01:36 AM
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सिक्किम सरकार ने 16 ग्लेशियल झीलों पर सेंसर स्थापित कर पानी की स्थिति पर नजर रखी है, ताकि ग्लेशियल बाढ़ (GLOF) के खतरे को कम किया जा सके। यह कदम शीघ्र चेतावनी देकर नीचे बस्तियों की सुरक्षा करेगा।
सिक्किम के आपदा प्रबंधन विभाग ने 16 ऊँची पहाड़ी ग्लेशियल झीलों की निरंतर निगरानी के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम शुरू किया है। झीलों के किनारे स्थापित सेंसर पानी के स्तर, तापमान और भूकंपीय गतिविधियों को रीयल‑टाइम में रिकॉर्ड कर एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को भेजेंगे।
यदि किसी झील में जल स्तर में तेज़ वृद्धि होती है, जो ग्लेशियल बाढ़ (GLOF) का संकेत माना जाता है, तो यह प्रणाली शीघ्र चेतावनी जारी करेगी। इससे नीचे बस्तियों को खाली होने और राहत कार्यों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
हिमालय में जलवायु‑परिवर्तन के कारण बर्फ पिघलने की दर बढ़ने से GLOF की घटनाओं में वृद्धि हुई है, इसलिए इस तकनीक को अपनाकर सिक्किम जोखिम‑प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित करना चाहता है।
स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी किए जा रहे क्षेत्रों के निवासियों से चेतावनी प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक रहने का आग्रह किया है और कहा है कि सिस्टम के अंतिम परीक्षण के बाद अतिरिक्त झीलों पर भी यह नेटवर्क विस्तारित किया जा सकता है।
यदि किसी झील में जल स्तर में तेज़ वृद्धि होती है, जो ग्लेशियल बाढ़ (GLOF) का संकेत माना जाता है, तो यह प्रणाली शीघ्र चेतावनी जारी करेगी। इससे नीचे बस्तियों को खाली होने और राहत कार्यों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
हिमालय में जलवायु‑परिवर्तन के कारण बर्फ पिघलने की दर बढ़ने से GLOF की घटनाओं में वृद्धि हुई है, इसलिए इस तकनीक को अपनाकर सिक्किम जोखिम‑प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित करना चाहता है।
स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी किए जा रहे क्षेत्रों के निवासियों से चेतावनी प्रोटोकॉल के बारे में जागरूक रहने का आग्रह किया है और कहा है कि सिस्टम के अंतिम परीक्षण के बाद अतिरिक्त झीलों पर भी यह नेटवर्क विस्तारित किया जा सकता है।