📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Faisalaftab06
धर्म
सिख संगठनों ने अनिवार्य "वंदे मातरम" के विरोध में अकाल तख्त को मांगपत्र सौंपा
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 27 अग. 2026, 09:32 AM
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अमृतसर में सिख संगठनों ने अकाल तख्त को मांगपत्र सौंपा, जिसमें अनिवार्य "वंदे मातरम" गाने को रोकने की मांग की गई है।
अमृतसर में कई सिख संगठनों ने शृंगारिक रूप से श्री अकाल तख्त को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" को अनिवार्य रूप से गाने से हटाने की माँग की गई है। यह मांग स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस गीत को अनिवार्य करने के विरुद्ध है, क्योंकि यह सिख धर्म के सिद्धांतों के साथ असंगत माना जाता है।
संगठनों का कहना है कि "वंदे मातरम" के बोल उनके धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध हैं, और अकाल तख्त से धार्मिक निर्णय की आशा की जा रही है, जिससे राज्य और केंद्र स्तर पर नीति‑निर्माण पर असर पड़ सकता है।
अकाल तख्त ने अभी तक कोई आधिकारिक उत्तर नहीं दिया है, पर अधिकारियों ने कहा कि इस मांगपत्र की सिख शास्त्रों के अनुसार समीक्षा की जाएगी। यह कदम भारत में राष्ट्रीय प्रतीकों और अल्पसंख्यक धार्मिक अधिकारों के संतुलन पर चल रहे बहस में एक नया आयाम जोड़ता है।
संगठनों का कहना है कि "वंदे मातरम" के बोल उनके धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध हैं, और अकाल तख्त से धार्मिक निर्णय की आशा की जा रही है, जिससे राज्य और केंद्र स्तर पर नीति‑निर्माण पर असर पड़ सकता है।
अकाल तख्त ने अभी तक कोई आधिकारिक उत्तर नहीं दिया है, पर अधिकारियों ने कहा कि इस मांगपत्र की सिख शास्त्रों के अनुसार समीक्षा की जाएगी। यह कदम भारत में राष्ट्रीय प्रतीकों और अल्पसंख्यक धार्मिक अधिकारों के संतुलन पर चल रहे बहस में एक नया आयाम जोड़ता है।