📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
श्रेया घोषाल ने स्वतंत्र संगीत में रचनात्मक स्वतंत्रता पर प्रकाश डाला
✍️ INDIA New England News
🗓 23 अक्टू. 2026, 04:49 AM
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प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने कहा कि स्वतंत्र संगीत उन्हें नई ध्वनियों और शैलियों के साथ प्रयोग करने की आज़ादी देता है।
भारत की सबसे प्रसिद्ध प्लेबैक गायिकाओं में से एक श्रेया घोषाल ने हाल ही में कहा कि स्वतंत्र संगीत क्षेत्र में काम करने से उन्हें फ़िल्म उद्योग की पारंपरिक सीमाओं से बाहर नई ध्वनियों की खोज करने की स्वतंत्रता मिलती है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र प्रोजेक्ट्स में व्यावसायिक प्रतिबंधों की कमी से वे विभिन्न संगीत रचनाओं और स्वर तकनीकों के साथ प्रयोग कर सकती हैं।
गायिका ने यह भी कहा कि यह रचनात्मक स्वतंत्रता कलाकार के विकास के लिये आवश्यक है, जिससे वे उभरते संगीतकारों और निर्माताओं के साथ सहयोग कर नई दृष्टिकोण ला सकती हैं। पारंपरिक स्टूडियो प्रणाली से बाहर कदम रखकर, घोषाल अपना संगीत संग्रह विस्तृत करने और उन श्रोताओं से जुड़ने का लक्ष्य रखती हैं जो वैकल्पिक ध्वनियों की तलाश में हैं।
इन टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि स्थापित भारतीय कलाकार स्वतंत्र मंचों की ओर रुख कर रहे हैं ताकि वे अपने कार्य में विविधता ला सकें। जबकि वह मुख्यधारा की सिनेमा में गाना जारी रखेंगी, उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक प्रयोगात्मक ट्रैक इन स्वतंत्र सहयोगों से उत्पन्न हो सकते हैं।
गायिका ने यह भी कहा कि यह रचनात्मक स्वतंत्रता कलाकार के विकास के लिये आवश्यक है, जिससे वे उभरते संगीतकारों और निर्माताओं के साथ सहयोग कर नई दृष्टिकोण ला सकती हैं। पारंपरिक स्टूडियो प्रणाली से बाहर कदम रखकर, घोषाल अपना संगीत संग्रह विस्तृत करने और उन श्रोताओं से जुड़ने का लक्ष्य रखती हैं जो वैकल्पिक ध्वनियों की तलाश में हैं।
इन टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि स्थापित भारतीय कलाकार स्वतंत्र मंचों की ओर रुख कर रहे हैं ताकि वे अपने कार्य में विविधता ला सकें। जबकि वह मुख्यधारा की सिनेमा में गाना जारी रखेंगी, उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक प्रयोगात्मक ट्रैक इन स्वतंत्र सहयोगों से उत्पन्न हो सकते हैं।