📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ganesh Dhamodkar from Nagpur, India
शिक्षा
शिवसेना के विरोध से महाराष्ट्र स्कूल ने प्याज़‑लहसुन प्रतिबंध को उलटा
✍️ The Indian Express
🗓 11 सित. 2026, 04:36 AM
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शिवसेना के तीव्र विरोध के बाद, महाराष्ट्र के एक स्कूल ने भोजन में प्याज़‑लहसुन प्रतिबंध को वापस ले लिया।
महाराष्ट्र के एक स्कूल ने हाल ही में अपने कैंटीन में प्याज़‑लहसुन को प्रतिबंधित करने की नीति घोषित की, जिसे उसने स्वास्थ्य या सांस्कृतिक कारणों से उचित बताया। इस कदम पर शिवसेना के नेताओं ने कड़ी निंदा की, यह कहते हुए कि यह व्यक्तिगत भोजन विकल्पों और पारम्परिक व्यंजनों में हस्तक्षेप करता है।
पार्टी ने अपने समर्थकों को स्कूल के बाहर प्रदर्शनों के लिए जुटाया और स्थानीय मीडिया में इस मुद्दे को उठाया। बढ़ते दबाव के चलते स्कूल प्रशासन ने आपातकालीन बैठक बुलाई और नीति पर पुनर्विचार किया।
कुछ ही दिनों में स्कूल ने घोषणा की कि प्याज़‑लहसुन प्रतिबंध लागू नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव छात्रों, अभिभावकों और समुदाय के बीच सौहार्द बनाए रखने तथा विविध विचारों का सम्मान करने के लिए किया गया है।
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्रीय राजनीतिक भावनाएँ शैक्षणिक संस्थानों के निर्णयों को कैसे प्रभावित कर सकती हैं, विशेषकर जब सांस्कृतिक भोजन प्रथाओं की बात आती है।
पार्टी ने अपने समर्थकों को स्कूल के बाहर प्रदर्शनों के लिए जुटाया और स्थानीय मीडिया में इस मुद्दे को उठाया। बढ़ते दबाव के चलते स्कूल प्रशासन ने आपातकालीन बैठक बुलाई और नीति पर पुनर्विचार किया।
कुछ ही दिनों में स्कूल ने घोषणा की कि प्याज़‑लहसुन प्रतिबंध लागू नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव छात्रों, अभिभावकों और समुदाय के बीच सौहार्द बनाए रखने तथा विविध विचारों का सम्मान करने के लिए किया गया है।
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्रीय राजनीतिक भावनाएँ शैक्षणिक संस्थानों के निर्णयों को कैसे प्रभावित कर सकती हैं, विशेषकर जब सांस्कृतिक भोजन प्रथाओं की बात आती है।