शिक्षा
शिवपुरी जिले के पाँच सरकारी स्कूलों का 91 लाख 25 हजार से उन्नयन, कलेक्टर रुचिका चौहान ने दिए निर्देश
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राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा शिवपुरी जिले के पाँच शासकीय प्राथमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए 91 लाख 25 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिवपुरी जिले के पाँच शासकीय प्राथमिक विद्यालयों के उन्नयन का कार्य 91 लाख 25 हजार रुपए की लागत से किया जाना मंजूर किया गया है।
इस राशि का वितरण निम्नानुसार है: भितरवार विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय गड़ाजर को 18 लाख 25 हजार रुपए, घाटीगांव विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय डांडाखिड़क को 18 लाख 25 हजार रुपए, घाटीगांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मंगूपुरा को 18 लाख 25 हजार रुपए, मुरार विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय चककेशवपुर को 18 लाख 25 हजार रुपए एवं घाटीगांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय समराई को 18 लाख 25 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया है कि स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य की निगरानी की जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को भी निर्देश दिया है कि निर्धारित समय से पहले पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए। उक्त राशि से भवन निर्माण के साथ-साथ शाला भवन को व्यवस्थित करने के कार्य भी किए जाएंगे।
इस राशि का वितरण निम्नानुसार है: भितरवार विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय गड़ाजर को 18 लाख 25 हजार रुपए, घाटीगांव विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय डांडाखिड़क को 18 लाख 25 हजार रुपए, घाटीगांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मंगूपुरा को 18 लाख 25 हजार रुपए, मुरार विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय चककेशवपुर को 18 लाख 25 हजार रुपए एवं घाटीगांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय समराई को 18 लाख 25 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया है कि स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य की निगरानी की जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को भी निर्देश दिया है कि निर्धारित समय से पहले पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए। उक्त राशि से भवन निर्माण के साथ-साथ शाला भवन को व्यवस्थित करने के कार्य भी किए जाएंगे।