📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chatham House
बिज़नेस
श्री शशि थरूर ने कहा, नौकरशाही की देरी है भारत का 'फ़ियर टैक्स' जो विकास को रोकता है
✍️ Business Today
🗓 29 अग. 2026, 07:38 PM
👁 30
बिजनेस टुडे के साक्षात्कार में शशि थरूर ने नौकरशाही की देरी को 'फ़ियर टैक्स' कहा, जो भारत की आर्थिक वृद्धि को बाधित करता है।
शशि थरूर, बिजनेस टुडे के साक्षात्कार में, नौकरशाही की अड़चनें एक छिपी हुई कर जैसी हैं, जिसे उन्होंने ‘फ़ियर टैक्स’ कहा। उन्होंने कहा कि यह शब्द निवेशकों की उस चिंता को दर्शाता है, जो प्रोजेक्टों के स्थगित होने पर उत्पन्न होती है।
थरूर ने बताया कि प्रत्येक दिन की मंजूरी में देरी उत्पादन में कमी, वित्तीय लागत में वृद्धि और घरेलू‑विदेशी निवेशकों के भरोसे में गिरावट का कारण बनती है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण में देरी और निर्माण इकाइयों के अनुमोदन में लंबी प्रक्रिया जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी कारणों से भारत की जीडीपी वृद्धि पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है।
सरकार को प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अपनाने और मंत्रालयों में जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए थरूर ने कहा कि ‘फ़ियर टैक्स’ को खत्म करना देश की विकास क्षमता को मुक्त करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को आगे रखने के लिए अनिवार्य है।
थरूर ने बताया कि प्रत्येक दिन की मंजूरी में देरी उत्पादन में कमी, वित्तीय लागत में वृद्धि और घरेलू‑विदेशी निवेशकों के भरोसे में गिरावट का कारण बनती है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण में देरी और निर्माण इकाइयों के अनुमोदन में लंबी प्रक्रिया जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी कारणों से भारत की जीडीपी वृद्धि पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है।
सरकार को प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अपनाने और मंत्रालयों में जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए थरूर ने कहा कि ‘फ़ियर टैक्स’ को खत्म करना देश की विकास क्षमता को मुक्त करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को आगे रखने के लिए अनिवार्य है।