शिक्षा
शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन
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सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें बेहतर करियर विकल्पों की जानकारी देना था।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बड़वानी में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता एवं कौशल के अनुरूप बेहतर करियर विकल्पों की जानकारी प्रदान करना तथा उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम प्राचार्य श्री कमलेश गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्राचार्य श्री गुप्ता ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सही समय पर उचित करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन एवं कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। नोडल अधिकारी श्री पीएस रावत ने तकनीकी शिक्षा के साथ सही करियर दिशा के चयन के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि डिप्लोमा के बाद उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार तथा स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
विभागाध्यक्ष श्री तानिलाल ठाकुर ने करियर निर्माण को एक सतत प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसमें सही दिशा, निरंतर अध्ययन एवं मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ बदलती तकनीक एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में श्री गौरव दाणे ने डिप्लोमा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी सेवाओं, निजी क्षेत्र एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी।
व्याख्याता श्री प्रदीप राठौर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों को करियर निर्माण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया और लक्ष्य स्पष्ट रखकर नियमित अध्ययन एवं कौशल विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में कु. तरुणा पाचुरेकर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस सत्र से विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए सही दिशा चुनने और क्षमताओं को विकसित करने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम प्राचार्य श्री कमलेश गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्राचार्य श्री गुप्ता ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सही समय पर उचित करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन एवं कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। नोडल अधिकारी श्री पीएस रावत ने तकनीकी शिक्षा के साथ सही करियर दिशा के चयन के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि डिप्लोमा के बाद उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार तथा स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
विभागाध्यक्ष श्री तानिलाल ठाकुर ने करियर निर्माण को एक सतत प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसमें सही दिशा, निरंतर अध्ययन एवं मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ बदलती तकनीक एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में श्री गौरव दाणे ने डिप्लोमा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी सेवाओं, निजी क्षेत्र एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी।
व्याख्याता श्री प्रदीप राठौर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों को करियर निर्माण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया और लक्ष्य स्पष्ट रखकर नियमित अध्ययन एवं कौशल विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में कु. तरुणा पाचुरेकर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस सत्र से विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए सही दिशा चुनने और क्षमताओं को विकसित करने की प्रेरणा मिली।