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शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर नगर थाना परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक
शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर नगर थाना परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक
आगामी शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 9 अक्टूबर 2026 को नगर थाना परिसर में शांति समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित सभी पूजा समितियों के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य लोगों के साथ सुरक्षा व्यवस्था एवं सरकारी दिशा-निर्देशों पर बिन्दुवार चर्चा की।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश:
• डीजे (DJ) पर पूर्ण प्रतिबंध: पर्व के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। किसी भी पंडाल या विसर्जन जुलूस में तेज आवाज वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों या अश्लील गानों के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।
• लाइसेंस अनिवार्य: मेला, पंडाल और झूला लगाने वाली सभी समितियों के लिए प्रशासन से शत-प्रतिशत लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है।
• सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा: सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सभी पूजा पंडालों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पंडालों में अग्निशमन विभाग से एनओसी (NOC) प्राप्त करना और पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर्स (स्वयंसेवकों) की तैनाती करना जरूरी होगा।
• ट्रैफिक और गश्त व्यवस्था: त्योहार के दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुलिस बल द्वारा चौबीसों घंटे गश्त और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
• विसर्जन की तिथि निर्धारित: प्रतिमा विसर्जन के लिए 21 और 22 अक्टूबर की तिथि तय की गई है। सभी समितियों को निर्धारित रूट चार्ट का पालन करते हुए इन्हीं तिथियों में विसर्जन कार्य पूर्ण करना होगा।
• सोशल मीडिया पर निगरानी: प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भ्रामक पोस्ट डालने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता और पूजा समितियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अप्रत्याशित घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस व प्रशासन को दें। सभी सदस्यों ने प्रशासन को नियमों का पालन करने और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का पूरा भरोसा दिया है।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश:
• डीजे (DJ) पर पूर्ण प्रतिबंध: पर्व के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। किसी भी पंडाल या विसर्जन जुलूस में तेज आवाज वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों या अश्लील गानों के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।
• लाइसेंस अनिवार्य: मेला, पंडाल और झूला लगाने वाली सभी समितियों के लिए प्रशासन से शत-प्रतिशत लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है।
• सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा: सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सभी पूजा पंडालों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पंडालों में अग्निशमन विभाग से एनओसी (NOC) प्राप्त करना और पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर्स (स्वयंसेवकों) की तैनाती करना जरूरी होगा।
• ट्रैफिक और गश्त व्यवस्था: त्योहार के दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुलिस बल द्वारा चौबीसों घंटे गश्त और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
• विसर्जन की तिथि निर्धारित: प्रतिमा विसर्जन के लिए 21 और 22 अक्टूबर की तिथि तय की गई है। सभी समितियों को निर्धारित रूट चार्ट का पालन करते हुए इन्हीं तिथियों में विसर्जन कार्य पूर्ण करना होगा।
• सोशल मीडिया पर निगरानी: प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भ्रामक पोस्ट डालने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता और पूजा समितियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अप्रत्याशित घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस व प्रशासन को दें। सभी सदस्यों ने प्रशासन को नियमों का पालन करने और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का पूरा भरोसा दिया है।