📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
कृषि
शरद पवार ने महाराष्ट्र के सीएम फडनविस को 17 बिंदुओं की सूखा राहत मांगें पेश की
✍️ Mid-Day
🗓 28 सित. 2026, 11:02 AM
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एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविस को 17 बिंदुओं की सूची दी, जिससे महाराष्ट्र में तीव्र सूखे को कम करने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएँ।
महाराष्ट्र में जारी सूखे को लेकर एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविस को १७ बिंदुओं की विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस दस्तावेज़ में जल संरक्षण, कृषि सहायता और प्रभावित किसानों के लिए राहत उपायों का उल्लेख है।
पवार ने सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने, सूखा राहत निधियों की शीघ्र रिलीज़ सुनिश्चित करने और बीज‑खाद की समय पर आपूर्ति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य एजेंसियों और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों की भी माँग की, ताकि कृषि संकट को और बढ़ने से रोका जा सके।
यह प्रस्तुति घटती वर्षा और कई जिलों में जल की कमी की रिपोर्टों के बीच आई है। राज्य अधिकारियों ने इस स्थिति को स्वीकार किया है और मुख्यमंत्री का कार्यालय इन माँगों की समीक्षा कर नीति निर्णय लेने की तैयारी में है।
किसान संगठनों सहित कई हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि स्पष्ट योजना फसल क्षति को कम कर ग्रामीण आय को स्थिर कर सकती है।
पवार और फडनविस के बीच हुई संक्षिप्त बैठक ने सरकार पर आगामी मानसून से पहले सूखे को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है।
पवार ने सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने, सूखा राहत निधियों की शीघ्र रिलीज़ सुनिश्चित करने और बीज‑खाद की समय पर आपूर्ति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य एजेंसियों और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों की भी माँग की, ताकि कृषि संकट को और बढ़ने से रोका जा सके।
यह प्रस्तुति घटती वर्षा और कई जिलों में जल की कमी की रिपोर्टों के बीच आई है। राज्य अधिकारियों ने इस स्थिति को स्वीकार किया है और मुख्यमंत्री का कार्यालय इन माँगों की समीक्षा कर नीति निर्णय लेने की तैयारी में है।
किसान संगठनों सहित कई हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि स्पष्ट योजना फसल क्षति को कम कर ग्रामीण आय को स्थिर कर सकती है।
पवार और फडनविस के बीच हुई संक्षिप्त बैठक ने सरकार पर आगामी मानसून से पहले सूखे को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है।