अपराध
शिमला में ऑनलाइन सूट खरीदने के नाम पर ₹46,000 की साइबर ठगी,
#शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोशल मीडिया पर खरीदारी का विज्ञापन देखकर सूट ऑर्डर करना एक महिला को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने पार्सल भेजने के नाम पर महिला से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए और करीब 46 हजार रुपये की चपत लगा दी। बालूगंज इलाके में रहने वाली महिला ने सोशल मीडिया पर एक सूट का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिखाई गई ड्रेस उसे पसंद आ गई और उसने उसे खरीदने का फैसला कर लिया। महिला को उम्मीद थी कि ऑर्डर करने के कुछ समय बाद सूट उसके घर पहुंच जाएगा। मगर खरीदारी की यह कोशिश साइबर ठगी में बदल गई। आरोपियों ने महिला को अलग-अलग कारण बताकर बार-बार भुगतान करने के लिए तैयार किया। महिला को शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि वह किसी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रही है। जब कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो पार्सल मिला और न ही भुगतान के संबंध में कोई संतोषजनक जानकारी मिली- तब पूरे मामले पर संदेह गहराने लगा। इस दौरान महिला करीब 46 हजार रुपये गंवा चुकी थी। जानकारी के मुताबिक, यह घटना सितंबर के अंतिम सप्ताह की है। महिला ने सोशल मीडिया पर सूट बेचने से संबंधित विज्ञापन देखा और उसमें दिखाई गई ड्रेस का ऑर्डर दे दिया। इसके बाद उसके पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फोन आने लगे।
कॉल करने वाले लोगों ने पार्सल की डिलीवरी और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए महिला से अलग-अलग रकम जमा करवानी शुरू कर दी। आरोपियों ने एकमुश्त बड़ी रकम मांगने के बजाय छोटी-छोटी राशियों में भुगतान करवाया। इस तरीके से महिला को बार-बार पैसे भेजने के लिए राजी किया गया। हर बार भुगतान करने के पीछे कोई न कोई वजह बताई जाती रही। महिला को लगा कि इन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसका सामान पहुंच जाएगा। इसी उम्मीद में महिला कई दिनों तक आरोपियों के संपर्क में रही और उनके बताए अनुसार पैसे ट्रांसफर करती रही। जानकारी के अनुसार, इस दौरान करीब 15 से 20 बार लेनदेन हुआ। सभी भुगतानों को मिलाकर महिला के लगभग 46 हजार रुपये ठगों के बताए खातों में चले गए। लगातार भुगतान करने के बाद भी जब सूट की डिलीवरी नहीं हुई, तो महिला को पूरे मामले में गड़बड़ी होने का संदेह हुआ। उसे समझ आने लगा कि पार्सल पहुंचाने के नाम पर उससे पैसे लिए जा रहे हैं, जबकि ऑर्डर किया गया सामान अब तक नहीं मिला है। इसके बाद महिला ने अपने पति को घटना के बारे में बताया। दोनों ने पूरे मामले को समझने के बाद साइबर अपराध से संबंधित शिकायत करने का निर्णय लिया। महिला ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और ठगी की जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त, उसने साइबर क्राइम सेल शिमला के कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत भी सौंपी। महिला की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम सेल ने मामले को आगे की जांच के लिए बालूगंज पुलिस थाना भेज दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला से किन माध्यमों से संपर्क किया गया, रकम किस तरह ट्रांसफर करवाई गई और इस धोखाधड़ी के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। ASP शिमला गौरवजीत सिंह के अनुसार, साइबर क्राइम सेल से मामला जांच के लिए प्राप्त हुआ है। पुलिस शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान लेनदेन और आरोपियों से संबंधित जानकारी की छानबीन की जाएगी।
कॉल करने वाले लोगों ने पार्सल की डिलीवरी और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए महिला से अलग-अलग रकम जमा करवानी शुरू कर दी। आरोपियों ने एकमुश्त बड़ी रकम मांगने के बजाय छोटी-छोटी राशियों में भुगतान करवाया। इस तरीके से महिला को बार-बार पैसे भेजने के लिए राजी किया गया। हर बार भुगतान करने के पीछे कोई न कोई वजह बताई जाती रही। महिला को लगा कि इन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसका सामान पहुंच जाएगा। इसी उम्मीद में महिला कई दिनों तक आरोपियों के संपर्क में रही और उनके बताए अनुसार पैसे ट्रांसफर करती रही। जानकारी के अनुसार, इस दौरान करीब 15 से 20 बार लेनदेन हुआ। सभी भुगतानों को मिलाकर महिला के लगभग 46 हजार रुपये ठगों के बताए खातों में चले गए। लगातार भुगतान करने के बाद भी जब सूट की डिलीवरी नहीं हुई, तो महिला को पूरे मामले में गड़बड़ी होने का संदेह हुआ। उसे समझ आने लगा कि पार्सल पहुंचाने के नाम पर उससे पैसे लिए जा रहे हैं, जबकि ऑर्डर किया गया सामान अब तक नहीं मिला है। इसके बाद महिला ने अपने पति को घटना के बारे में बताया। दोनों ने पूरे मामले को समझने के बाद साइबर अपराध से संबंधित शिकायत करने का निर्णय लिया। महिला ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और ठगी की जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त, उसने साइबर क्राइम सेल शिमला के कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत भी सौंपी। महिला की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम सेल ने मामले को आगे की जांच के लिए बालूगंज पुलिस थाना भेज दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला से किन माध्यमों से संपर्क किया गया, रकम किस तरह ट्रांसफर करवाई गई और इस धोखाधड़ी के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। ASP शिमला गौरवजीत सिंह के अनुसार, साइबर क्राइम सेल से मामला जांच के लिए प्राप्त हुआ है। पुलिस शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान लेनदेन और आरोपियों से संबंधित जानकारी की छानबीन की जाएगी।