रक्षा
शहीद कुंदन का अस्थि कलश तिरंगे में लिपटा गांव पहुंचा, नम आंखों से अंतिम विदाई
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में शहीद हुए कुंदन का अस्थि कलश आज उनके पैतृक गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने फूलों की बारिश कर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सपूत कुंदन का अस्थि कलश आज उनके पैतृक गांव लाया गया। इस दौरान पूरा गांव गमगीन माहौल में डूबा रहा। ग्रामीणों ने तिरंगे में लिपटे अस्थि कलश पर फूलों की वर्षा कर अपने वीर सपूत को भावुकता के साथ अंतिम विदाई दी।
शहीद कुंदन की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से अपने वीर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीद कुंदन के शौर्य और बलिदान को याद किया और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
बता दें कि शहीद कुंदन अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में ड्यूटी पर तैनात थे, जहां वे देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे गए। उनके पार्थिव शरीर को पहले ही उनके गांव लाया गया था, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आज उनके अस्थि कलश को गांव लाया गया, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
शहीद कुंदन की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से अपने वीर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीद कुंदन के शौर्य और बलिदान को याद किया और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
बता दें कि शहीद कुंदन अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में ड्यूटी पर तैनात थे, जहां वे देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे गए। उनके पार्थिव शरीर को पहले ही उनके गांव लाया गया था, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आज उनके अस्थि कलश को गांव लाया गया, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।