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शाहजहांपुर: करवा चौथ पर पत्नी की राह देख रहा रिंकू, तीन मासूम बेटियों की परवरिश की चिंता
शाहजहांपुर के चिनौर क्षेत्र में रहने वाले रिंकू श्रीवास्तव करवा चौथ पर पत्नी से अलग रहकर तीन छोटी बेटियों की देखभाल कर रहे हैं। आर्थिक संकट के चलते उनका रिक्शा छूटने के बाद अब वे किराये पर वाहन चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
करवा चौथ के त्योहार के बीच शाहजहांपुर के चिनौर क्षेत्र में रहने वाले रिंकू श्रीवास्तव की स्थिति ने परिवार और जिम्मेदारियों से जुड़ी एक मार्मिक तस्वीर सामने रखी है। दिनभर रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले रिंकू के कंधों पर तीन छोटी बेटियों की परवरिश और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की भारी ज़िम्मेदारी है। रिंकू के अनुसार, उनकी पांच वर्षीय बेटी वैष्णवी, दो वर्षीय लक्ष्मी और आठ माह की राधा उनके साथ रहती हैं, जिनमें सबसे छोटी बच्ची को विशेष देखभाल की आवश्यकता है। काम पर जाने और घर की ज़िम्मेदारियों के बीच तालमेल बैठाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
आर्थिक परेशानियों ने रिंकू की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने बेहतर कमाई की उम्मीद में किस्तों पर बैटरी रिक्शा लिया था, लेकिन करीब छह महीने तक किस्तें जमा नहीं कर पाए। इसके बाद फाइनेंस कंपनी ने वाहन वापस ले लिया। अब वह किराये का रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च, मकान का किराया, राशन और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। रिंकू का कहना है कि वह मेहनत करके अपने परिवार की ज़िम्मेदारी निभाना चाहते हैं, लेकिन बच्चों की देखभाल को लेकर उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिंकू ने बताया कि वर्ष 2018 में हिमांशी श्रीवास्तव से हुई शादी के बाद समय के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए और पत्नी मायके चली गईं। उन्होंने परिवार को फिर से साथ लाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले में उन्होंने पुलिस और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। रिंकू चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित समाधान निकालें और उनकी बेटियों की देखभाल तथा भविष्य को प्राथमिकता दी जाए।
रिंकू की चिंता केवल आर्थिक परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि उनकी तीनों बेटियों को उचित देखभाल, पोषण और सुरक्षित माहौल मिले। उनका कहना है कि वह मेहनत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बच्चों की ज़िम्मेदारी निभाने में उन्हें सहयोग की ज़रूरत है। करवा चौथ के अवसर पर रिंकू की यह कहानी परिवार, ज़िम्मेदारी और बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल सामने रखती है।
आर्थिक परेशानियों ने रिंकू की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने बेहतर कमाई की उम्मीद में किस्तों पर बैटरी रिक्शा लिया था, लेकिन करीब छह महीने तक किस्तें जमा नहीं कर पाए। इसके बाद फाइनेंस कंपनी ने वाहन वापस ले लिया। अब वह किराये का रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च, मकान का किराया, राशन और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। रिंकू का कहना है कि वह मेहनत करके अपने परिवार की ज़िम्मेदारी निभाना चाहते हैं, लेकिन बच्चों की देखभाल को लेकर उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिंकू ने बताया कि वर्ष 2018 में हिमांशी श्रीवास्तव से हुई शादी के बाद समय के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए और पत्नी मायके चली गईं। उन्होंने परिवार को फिर से साथ लाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले में उन्होंने पुलिस और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। रिंकू चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित समाधान निकालें और उनकी बेटियों की देखभाल तथा भविष्य को प्राथमिकता दी जाए।
रिंकू की चिंता केवल आर्थिक परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि उनकी तीनों बेटियों को उचित देखभाल, पोषण और सुरक्षित माहौल मिले। उनका कहना है कि वह मेहनत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बच्चों की ज़िम्मेदारी निभाने में उन्हें सहयोग की ज़रूरत है। करवा चौथ के अवसर पर रिंकू की यह कहानी परिवार, ज़िम्मेदारी और बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल सामने रखती है।