शाहबाद क्षेत्र के बेली गांव में बाबा जाहरवीर समाधि स्थल पर महिला ने किया समाधि लेने का प्रयास प्रशासन ने रोका
शाहाबाद में रह रहे पत्रकार संगठन के संरक्षक बीपी विद्यार्थी के वंशजों की जमीन पर है समाधि स्थल
भूडासी में बाबा जाहरवीर समाधि स्थल पर महिला ने किया समाधि का प्रयास, प्रशासन ने रोका
रामपुर शाहाबाद वर्तमान में शाहाबाद में रह रहे बीपी विद्यार्थी कर रहे हैं देखभाल, हफ्ते में दो बार पहुंचते हैं स्थल पर
11 बीघा ऐतिहासिक समाधि स्थल की जमीन पर किसानों के कब्जे का आरोप, नपत कराने की मांग
संरक्षण व चारदीवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा जाएगा पत्र
शाहबाद क्षेत्र के
ऐतिहासिक गांव भूडासी स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने बाबा जाहरवीर समाधि स्थल पर उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव की ही एक महिला ने समाधि लेने का विचार बना लिया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन के त्वरित सहयोग और मुस्तैदी से महिला को यह कदम उठाने से रोक लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूडासी गांव स्थित यह समाधि स्थल क्षेत्र की जन-आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां बाबा जाहरवीर की प्राचीन समाधि के साथ अन्य कई मंदिर भी स्थापित हैं। इस पवित्र स्थान की देखरेख परंपरा के अनुसार भोलेनाथ के वंशज करते चले आ रहे हैं। वर्तमान में शाहाबाद में रह रहे बीपी विद्यार्थी कर रहे हैं देखभाल और वे हफ्ते में एक-दो बार इस स्थान पर जाकर व्यवस्था संभालते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बीपी विद्यार्थी भी मौके पर पहुंचे और समाधि का प्रयास कर रही महिला के परिजनों को समझाया। उन्होंने कहा कि यह स्थान सभी के लिए पूजनीय है। कोई भी व्यक्ति आकर भक्ति करे, पूजा-अर्चना करे और प्रसाद चढ़ाए, लेकिन शासन, प्रशासन और प्रबंधन की बिना अनुमति के ऐसा कोई भी कार्य करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
11 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत
बीपी विद्यार्थी ने बताया कि बाबा जाहरवीर समाधि स्थल का दायरा तकरीबन 11 बीघा है, लेकिन आसपास के कुछ किसानों ने इस जमीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्थल की सरकारी नपत (पैमाइश) कराकर इसकी पक्की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) कराई जाए, ताकि ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट होने से बचाया जा सके। उन्होंने ऐलान किया कि इस पूरे मामले से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
शाहाबाद से राशिद अल्वी की रिपोर्ट
रामपुर शाहाबाद वर्तमान में शाहाबाद में रह रहे बीपी विद्यार्थी कर रहे हैं देखभाल, हफ्ते में दो बार पहुंचते हैं स्थल पर
11 बीघा ऐतिहासिक समाधि स्थल की जमीन पर किसानों के कब्जे का आरोप, नपत कराने की मांग
संरक्षण व चारदीवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा जाएगा पत्र
शाहबाद क्षेत्र के
ऐतिहासिक गांव भूडासी स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने बाबा जाहरवीर समाधि स्थल पर उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव की ही एक महिला ने समाधि लेने का विचार बना लिया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन के त्वरित सहयोग और मुस्तैदी से महिला को यह कदम उठाने से रोक लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूडासी गांव स्थित यह समाधि स्थल क्षेत्र की जन-आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां बाबा जाहरवीर की प्राचीन समाधि के साथ अन्य कई मंदिर भी स्थापित हैं। इस पवित्र स्थान की देखरेख परंपरा के अनुसार भोलेनाथ के वंशज करते चले आ रहे हैं। वर्तमान में शाहाबाद में रह रहे बीपी विद्यार्थी कर रहे हैं देखभाल और वे हफ्ते में एक-दो बार इस स्थान पर जाकर व्यवस्था संभालते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बीपी विद्यार्थी भी मौके पर पहुंचे और समाधि का प्रयास कर रही महिला के परिजनों को समझाया। उन्होंने कहा कि यह स्थान सभी के लिए पूजनीय है। कोई भी व्यक्ति आकर भक्ति करे, पूजा-अर्चना करे और प्रसाद चढ़ाए, लेकिन शासन, प्रशासन और प्रबंधन की बिना अनुमति के ऐसा कोई भी कार्य करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
11 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत
बीपी विद्यार्थी ने बताया कि बाबा जाहरवीर समाधि स्थल का दायरा तकरीबन 11 बीघा है, लेकिन आसपास के कुछ किसानों ने इस जमीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्थल की सरकारी नपत (पैमाइश) कराकर इसकी पक्की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) कराई जाए, ताकि ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट होने से बचाया जा सके। उन्होंने ऐलान किया कि इस पूरे मामले से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
शाहाबाद से राशिद अल्वी की रिपोर्ट