📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soumendra Kumar Sahoo
मौसम
भारी बारिश से ओडिशा में बाढ़, तटीय जिलों में जल स्तर बढ़ा
✍️ kanaknews.com
🗓 01 सित. 2026, 07:35 AM
👁 39
31 अगस्त को ओडिशा के तटीय जिलों में भारी बारिश से बाढ़ आई, कई लोगों को निकाला गया।
31 अगस्त की सुबह ओडिशा के तटीय जिलों में तेज़ बारिश ने नदियों के जलस्तर को अचानक बढ़ा दिया, जिससे कई कम ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जलभराव हो गया। सड़कों, खेतों और घरों में पानी भर गया, बिजली कटौती हुई और दैनिक जीवन बाधित हो गया।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आपातकालीन बचाव दल तैनात किए, नावों और ऊँची पानी वाली गाड़ियों से छतों और जलमग्न घरों में फंसे लोगों को बचाया जा रहा है। अस्थायी आश्रयस्थलों को स्कूलों और सामुदायिक हॉल में स्थापित किया गया है।
स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने आवश्यक वस्तुएँ जैसे साफ़ पानी, भोजन और दवाइयाँ वितरित करने का समन्वय किया है, साथ ही स्थिति की निगरानी भी जारी रखी है। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा न करने, नदी किनारे से दूर रहने और बचाव दल के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।
मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि आने वाले 24‑48 घंटों में अतिरिक्त बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह बाढ़ मौसमी बरसात का हिस्सा है, पर वर्तमान वर्षा की तीव्रता इस समय के लिए असामान्य मानी जा रही है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भविष्य की तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आपातकालीन बचाव दल तैनात किए, नावों और ऊँची पानी वाली गाड़ियों से छतों और जलमग्न घरों में फंसे लोगों को बचाया जा रहा है। अस्थायी आश्रयस्थलों को स्कूलों और सामुदायिक हॉल में स्थापित किया गया है।
स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने आवश्यक वस्तुएँ जैसे साफ़ पानी, भोजन और दवाइयाँ वितरित करने का समन्वय किया है, साथ ही स्थिति की निगरानी भी जारी रखी है। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा न करने, नदी किनारे से दूर रहने और बचाव दल के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है।
मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि आने वाले 24‑48 घंटों में अतिरिक्त बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यह बाढ़ मौसमी बरसात का हिस्सा है, पर वर्तमान वर्षा की तीव्रता इस समय के लिए असामान्य मानी जा रही है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भविष्य की तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया गया है।