📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / মোঃ সাকিবুল হাসান
मौसम
मॉनसन में देरी के कारण भारत के कई क्षेत्रों में गंभीर सूखा
✍️ News18 Marathi
🗓 02 नव. 2026, 08:46 AM
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बारिश की कमी से कई भारतीय राज्यों में सूखा बढ़ा है, जिससे फसलों और जल आपूर्ति को खतरा है।
पहले सप्ताह में दर्ज हुई वर्षा की कमी ने मध्य और पश्चिमी भारत के कई जिलों में सूखे को और गहरा कर दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई क्षेत्रों को सामान्य मानसून वर्षा का 50% से भी कम मिल रहा है, जिससे किसानों और जल प्राधिकरणों में चिंता बढ़ी है।
लंबी सूखी अवधि ने खरीफ़ फसलों की बुवाई को प्रभावित किया है; कई किसान पनपते पौधों के मुरझाने और कम उपज की रिपोर्ट कर रहे हैं। स्थानीय जलाशयों का स्तर घट रहा है और भूजल स्तर में तीव्र गिरावट आई है, जिससे समुदाय टैंकर जल पर निर्भर हो रहे हैं।
राज्य सरकारों ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, जिसमें प्रभावित किसानों को नकद सहायता और जल संरक्षण परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना शामिल है। अधिकारियों ने जल संग्रहण को बढ़ावा देने और गैर‑आवश्यक जल उपयोग को कम करने की भी अपील की है, क्योंकि मानसून की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि मानसून समय पर नहीं आता, तो सूखा राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
लंबी सूखी अवधि ने खरीफ़ फसलों की बुवाई को प्रभावित किया है; कई किसान पनपते पौधों के मुरझाने और कम उपज की रिपोर्ट कर रहे हैं। स्थानीय जलाशयों का स्तर घट रहा है और भूजल स्तर में तीव्र गिरावट आई है, जिससे समुदाय टैंकर जल पर निर्भर हो रहे हैं।
राज्य सरकारों ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, जिसमें प्रभावित किसानों को नकद सहायता और जल संरक्षण परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना शामिल है। अधिकारियों ने जल संग्रहण को बढ़ावा देने और गैर‑आवश्यक जल उपयोग को कम करने की भी अपील की है, क्योंकि मानसून की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि मानसून समय पर नहीं आता, तो सूखा राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।