📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ShivShaktiMannat Temple
खेल
सेवा संकल्प उत्सव में अरुणाचल प्रदेश की पारंपरिक खेल और मूल संस्कृति का प्रदर्शन
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🗓 10 अक्टू. 2026, 01:01 AM
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अरुणाचल प्रदेश में आयोजित सेवा संकल्प उत्सव ने स्थानीय पारंपरिक खेलों और मूल संस्कृति को उजागर किया, जिससे स्थानीय समुदायों की बड़ी भागीदारी रही।
अरुणाचल प्रदेश में सेवा संकल्प उत्सव आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के पारंपरिक खेलों और मूल सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित व प्रचारित करना था। आयोजकों ने स्थानीय खिलाड़ियों, कारीगरों और सांस्कृतिक समूहों को आमंत्रित कर तीरंदाजी, पारंपरिक कुश्ती, थांग-ता मार्शल आर्ट और धोपखेल जैसी खेलों के साथ-साथ लोकनृत्य और शिल्प प्रदर्शनों का कार्यक्रम तैयार किया।
उत्सव में इन खेलों के जीवंत प्रदर्शन और जनजातीय कहानियों की कथा सत्र शामिल थे, जिससे आस-पास के गाँव‑शहरों के दर्शकों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से अनजाने में खो रहे अछूते विरासत को संरक्षित किया जा सकता है और युवाओं को इन प्राचीन खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। यह पहल पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण एजेंसियों का ध्यान भी आकर्षित करने की आशा रखती है।
उत्सव का समापन एक सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने यह संदेश दोहराया कि पारंपरिक खेल और मूल संस्कृति अरुणाचल प्रदेश की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं।
उत्सव में इन खेलों के जीवंत प्रदर्शन और जनजातीय कहानियों की कथा सत्र शामिल थे, जिससे आस-पास के गाँव‑शहरों के दर्शकों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से अनजाने में खो रहे अछूते विरासत को संरक्षित किया जा सकता है और युवाओं को इन प्राचीन खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। यह पहल पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण एजेंसियों का ध्यान भी आकर्षित करने की आशा रखती है।
उत्सव का समापन एक सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने यह संदेश दोहराया कि पारंपरिक खेल और मूल संस्कृति अरुणाचल प्रदेश की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं।