📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Myotus
अपराध
सिनियर सिटिजन के खाते में 15 लाख रुपये का धोखाधड़ी पैसा, पुलिस ने किया पूछताछ का आदेश
✍️ The Economic Times
🗓 04 सित. 2026, 12:33 PM
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एक वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में अचानक 15 लाख रुपये का धोखाधड़ी पैसा जमा हुआ, जिससे पुलिस ने पूछताछ की मांग की और हाई कोर्ट ने जांच जारी रखने का आदेश दिया।
इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि एक वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में अचानक 15 लाख रुपये का धनराशि जमा हुई, जिसे अधिकारियों ने धोखाधड़ी के पैसे के रूप में पहचाना है। पुलिस ने इस व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह राशि उनके खाते में कैसे आई और क्या वे इस में शामिल थे।
संबंधित व्यक्ति ने हाई कोर्ट में रक्षक आदेश की याचिका दायर की, जिससे वह संभावित कानूनी कार्रवाई से बच सके। कोर्ट ने याचिका पर विचार कर पुलिस को पूछताछ जारी रखने की अनुमति दी, साथ ही याचिकाकर्ता के अधिकारों की रक्षा का आश्वासन भी दिया।
यह घटना वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, विशेषकर वृद्ध नागरिकों के प्रति, और बैंकों व नियामक संस्थाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल देती है। अभी तक इस धनराशि के स्रोत या धोखेबाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और खातेधारक तथा संबंधित पक्षों से अतिरिक्त बयान लिये जा सकते हैं। हाई कोर्ट का आदेश जांच की जरूरत और वरिष्ठ नागरिक के कानूनी अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से दिया गया है।
अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध लेन‑देन की तुरंत रिपोर्ट करें और अनपेक्षित क्रेडिट मिलने पर उसकी सत्यता की पुष्टि करें।
संबंधित व्यक्ति ने हाई कोर्ट में रक्षक आदेश की याचिका दायर की, जिससे वह संभावित कानूनी कार्रवाई से बच सके। कोर्ट ने याचिका पर विचार कर पुलिस को पूछताछ जारी रखने की अनुमति दी, साथ ही याचिकाकर्ता के अधिकारों की रक्षा का आश्वासन भी दिया।
यह घटना वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, विशेषकर वृद्ध नागरिकों के प्रति, और बैंकों व नियामक संस्थाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल देती है। अभी तक इस धनराशि के स्रोत या धोखेबाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और खातेधारक तथा संबंधित पक्षों से अतिरिक्त बयान लिये जा सकते हैं। हाई कोर्ट का आदेश जांच की जरूरत और वरिष्ठ नागरिक के कानूनी अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से दिया गया है।
अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध लेन‑देन की तुरंत रिपोर्ट करें और अनपेक्षित क्रेडिट मिलने पर उसकी सत्यता की पुष्टि करें।