📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / YQY1122
राजनीति
वरिष्ठ वकील हरिश साल्व ने संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक लक्ष्य बनाना न करने की चेतावनी
✍️ LawBeat
🗓 08 अक्टू. 2026, 06:09 AM
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वरिष्ठ वकील हरिश साल्व ने कहा, संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक हमलों से बचाना चाहिए, विपक्ष की टिप्पणी की निंदा की।
भारत के प्रमुख वरिष्ठ वकील हरिश साल्व ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी कि संवैधानिक संस्थाओं को पार्टियों के राजनीतिक उपकरण नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य स्वतंत्र संस्थाओं को बिना पक्षपात के काम करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक शासन की रक्षा हो सके।
साल्व के ये बयान विपक्षी नेताओं के हालिया बयानों के जवाब में आए, जिन्हें उन्होंने संस्थाओं की विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश कहा। उन्होंने बताया कि संवैधानिक कार्यालयों को राजनीतिक लक्ष्य बनाना जनता का भरोसा घटाता है और कानून के शासन को कमजोर करता है।
वरिष्ठ वकील ने सभी राजनीतिक दलों से संविधान के ढाँचे का सम्मान करने और संस्थागत आलोचना को चुनावी हथियार बनाने से बचने का आग्रह किया। अभी तक विपक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
साल्व के ये बयान विपक्षी नेताओं के हालिया बयानों के जवाब में आए, जिन्हें उन्होंने संस्थाओं की विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश कहा। उन्होंने बताया कि संवैधानिक कार्यालयों को राजनीतिक लक्ष्य बनाना जनता का भरोसा घटाता है और कानून के शासन को कमजोर करता है।
वरिष्ठ वकील ने सभी राजनीतिक दलों से संविधान के ढाँचे का सम्मान करने और संस्थागत आलोचना को चुनावी हथियार बनाने से बचने का आग्रह किया। अभी तक विपक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।