Crime
स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रचकर 5 लाख की फिरौती मांगने वाले युवक को पुलिस ने शिवपुरी से दस्तयाब किया
थाना गिजोर्रा पुलिस ने स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रचकर परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले युवक को शिवपुरी से दस्तयाब किया है। युवक ने बैंक लोन न चुका पाने और वारंट जारी होने के बाद यह कदम उठाया था।
ग्वालियर। थाना गिजोर्रा पुलिस ने स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रचकर परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले एक युवक को शिवपुरी जिले से दस्तयाब किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह के निर्देशानुसार जिले में गुमशुदाओं की दस्तयाबी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि ग्राम गिजोर्रा निवासी भूरा सिंह बघेल ने थाना गिजोर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भतीजा राहुल बघेल कान के इलाज के लिए ग्वालियर गया था और शाम से उसका फोन बंद आ रहा है। परिजनों को शक था कि उसका अपहरण कर लिया गया है। इस सूचना पर पुलिस ने अपहण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि युवक ने स्वयं अपने घरवालों से व्हाट्सएप के माध्यम से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। जांच में यह भी सामने आया कि युवक ने बैंक से लोन पर मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसकी किस्तें वह नहीं चुका रहा था। बैंक द्वारा उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया था और न्यायालय से स्थाई वारंट भी जारी हुआ था, जिसके चलते उसे पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को युवक के पोहरी जिला शिवपुरी में होने की जानकारी मिली। इसके बाद थाना गिजोर्रा पुलिस ने पिछोर और पोहरी पुलिस की सहायता से युवक को शिवपुरी से दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने अपने दोस्त के ट्रक से शिवपुरी भागकर स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रची थी। इस कार्रवाई में थाना गिजोर्रा, पिछोर और पोहरी पुलिस की टीमों की सराहनीय भूमिका रही।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि ग्राम गिजोर्रा निवासी भूरा सिंह बघेल ने थाना गिजोर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भतीजा राहुल बघेल कान के इलाज के लिए ग्वालियर गया था और शाम से उसका फोन बंद आ रहा है। परिजनों को शक था कि उसका अपहरण कर लिया गया है। इस सूचना पर पुलिस ने अपहण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि युवक ने स्वयं अपने घरवालों से व्हाट्सएप के माध्यम से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। जांच में यह भी सामने आया कि युवक ने बैंक से लोन पर मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसकी किस्तें वह नहीं चुका रहा था। बैंक द्वारा उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया था और न्यायालय से स्थाई वारंट भी जारी हुआ था, जिसके चलते उसे पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को युवक के पोहरी जिला शिवपुरी में होने की जानकारी मिली। इसके बाद थाना गिजोर्रा पुलिस ने पिछोर और पोहरी पुलिस की सहायता से युवक को शिवपुरी से दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने अपने दोस्त के ट्रक से शिवपुरी भागकर स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रची थी। इस कार्रवाई में थाना गिजोर्रा, पिछोर और पोहरी पुलिस की टीमों की सराहनीय भूमिका रही।