धर्म
स्वर्णिम मध्य प्रदेश विशेष अंक: भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े मध्य प्रदेश के पौराणिक स्थल
यहाँ देखें:
📘 Facebook
भोजपुर संस्करण के 1 नवंबर 2026 के विशेष अंक में मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ गठन के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित ऐतिहासिक स्थलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
1 नवंबर 2026 को प्रकाशित भोपाल संस्करण का विशेष अंक 'स्वर्णिम मध्य प्रदेश' शीर्षक से मध्य प्रदेश के 70 वर्ष पूर्ण होने और छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जारी किया गया। इस अंक में राज्य की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया है।
उज्जैन में स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम को श्रीकृष्ण और बलराम की शिक्षा स्थल के रूप में उल्लेख किया गया है, जहाँ वे वैदिक ज्ञान और युद्ध कौशल प्राप्त करते थे।
सुदामा के साथ मित्रता, रुक्मिणी हरण तथा कुण्डिनपुर (वर्तमान में अमरकंटक/विदर्भ क्षेत्र) से जुड़े प्रसंग भी इस अंक में विस्तृत रूप से वर्णित हैं, जो भगवान के सामाजिक और राजनैतिक संबंधों को दर्शाते हैं।
धार (अमझेरा), चंदेरी (शिशुपाल की नगरी) तथा उज्जैन की खगोलीय और गणितीय महत्ता को भी विशेष रूप से उजागर किया गया है, जहाँ ग्रीनविच से 1200 वर्ष पूर्व उज्जैन से समय‑गणना की जाती थी। इन सभी विवरणों से मध्य प्रदेश की धार्मिक और वैज्ञानिक धरोहर का समग्र चित्र प्रस्तुत किया गया है।
उज्जैन में स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम को श्रीकृष्ण और बलराम की शिक्षा स्थल के रूप में उल्लेख किया गया है, जहाँ वे वैदिक ज्ञान और युद्ध कौशल प्राप्त करते थे।
सुदामा के साथ मित्रता, रुक्मिणी हरण तथा कुण्डिनपुर (वर्तमान में अमरकंटक/विदर्भ क्षेत्र) से जुड़े प्रसंग भी इस अंक में विस्तृत रूप से वर्णित हैं, जो भगवान के सामाजिक और राजनैतिक संबंधों को दर्शाते हैं।
धार (अमझेरा), चंदेरी (शिशुपाल की नगरी) तथा उज्जैन की खगोलीय और गणितीय महत्ता को भी विशेष रूप से उजागर किया गया है, जहाँ ग्रीनविच से 1200 वर्ष पूर्व उज्जैन से समय‑गणना की जाती थी। इन सभी विवरणों से मध्य प्रदेश की धार्मिक और वैज्ञानिक धरोहर का समग्र चित्र प्रस्तुत किया गया है।