Politics
सवाई माधोपुर में 2026 पंचायती राज चुनाव दो चरणों में होंगे, उपखंड मजिस्ट्रेटों को दी गई अनुमति जारी करने की जिम्मेदारी
जिला कलेक्टर काना राम ने पंचायती राज चुनाव-2026 की प्रक्रिया को सुचारू और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेटों को चुनाव से जुड़ी विभिन्न अनुमतियां जारी करने के लिए अधिकृत किया है।
सवाई माधोपुर। जिले में होने वाले पंचायती राज चुनाव-2026 दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट काना राम ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू, व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले के समस्त संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेटों को उनके क्षेत्राधिकार में पंचायत चुनाव से संबंधित विभिन्न अनुमतियां जारी करने के लिए अधिकृत किया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने यह निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज चुनाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों एवं निर्वाचन संबंधी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। इसके अलावा, चुनाव के दौरान प्राप्त होने वाले अनुमति संबंधी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण भी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य है।
आदेशानुसार, संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्राधिकार में चुनाव से संबंधित सभाओं, रैलियों, वाहनों, ध्वनि विस्तारक यंत्रों सहित अन्य आवश्यक अनुमतियों के लिए प्राप्त आवेदनों का निस्तारण करने के लिए अधिकृत होंगे।
इस कदम से निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को आवश्यक अनुमतियां निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करवाने में सुगमता होगी, जिससे चुनावी माहौल व्यवस्थित रहने की संभावना है।
जिला मजिस्ट्रेट ने यह निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज चुनाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों एवं निर्वाचन संबंधी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। इसके अलावा, चुनाव के दौरान प्राप्त होने वाले अनुमति संबंधी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण भी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य है।
आदेशानुसार, संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्राधिकार में चुनाव से संबंधित सभाओं, रैलियों, वाहनों, ध्वनि विस्तारक यंत्रों सहित अन्य आवश्यक अनुमतियों के लिए प्राप्त आवेदनों का निस्तारण करने के लिए अधिकृत होंगे।
इस कदम से निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को आवश्यक अनुमतियां निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करवाने में सुगमता होगी, जिससे चुनावी माहौल व्यवस्थित रहने की संभावना है।