संदना में झोलाछाप डॉक्टरों का कहर, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
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संदना में झोलाछाप डॉक्टरों का कहर, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
सीतापुर। जनपद में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता पर अंकुश लगाने के दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कथित अवैध चिकित्सा का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर के सख्त रुख के बावजूद ऐसे लोगों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला थाना संदना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, थाना संदना क्षेत्र के जोहरियामऊ निवासी एक महिला ने अमित नाम से इलाज करने वाले व्यक्ति से उपचार कराया था। परिजनों के मुताबिक, इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ, बल्कि उसकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मछरेहटा लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में बिना उचित चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वालों की गतिविधियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों की जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति की योग्यता और उपचार संबंधी तथ्यों का सत्यापन करता है या नहीं। हालांकि, मामले में विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
सीतापुर। जनपद में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता पर अंकुश लगाने के दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कथित अवैध चिकित्सा का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर के सख्त रुख के बावजूद ऐसे लोगों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला थाना संदना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, थाना संदना क्षेत्र के जोहरियामऊ निवासी एक महिला ने अमित नाम से इलाज करने वाले व्यक्ति से उपचार कराया था। परिजनों के मुताबिक, इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ, बल्कि उसकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मछरेहटा लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में बिना उचित चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वालों की गतिविधियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों की जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति की योग्यता और उपचार संबंधी तथ्यों का सत्यापन करता है या नहीं। हालांकि, मामले में विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।