स्तरीय नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित* *‘नारी की आवाज से होगा बदलाव का आगाज, नारी की बात,
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*जिला स्तरीय नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित*
*‘नारी की आवाज से होगा बदलाव का आगाज, नारी की बात,*
*विकास के साथ’ थीम पर हुआ आयोजन*
*राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साझा की*
*आत्मनिर्भरता और सफलता की प्रेरक कहानियां*
जैसलमेर 3 अक्टूबर। *’ ’नारी की आवाज से होगा बदलाव का आगाज, नारी की बात, विकास के साथ’’* थीम पर जिला स्तरीय नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को नगर परिषद सभागार में किया गया। इस अवसर पर जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज, जे.एल.एन. मार्ग में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअली माध्यम से जिला स्तरीय कार्यक्रम में सीधा प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए नारी शक्ति के महत्व, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा प्रदेश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने महिलाओं से विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने, उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा आत्मनिर्भर बनकर अपनी पहचान स्थापित करने का आह्वान किया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद यथार्थ शेखर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरपत सिंह भाटी, विशेषाधिकारी रोहित वर्मा, जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका हिम्मत सिंह कविया, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी चंद्रवीर सिंह भाटी, समाजसेवी कंवरराज सिंह चौहान एवं अरुण पुरोहित सहित राजीविका का स्टाफ तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं।
सफलता की कहानियों ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास
कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। महिलाओं ने स्वरोजगार, व्यवसाय एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए।
महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार एवं व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने, अपनी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिले। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और वे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा साझा की गई सफलता की प्रेरक कहानियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं।
*‘नारी की आवाज से होगा बदलाव का आगाज, नारी की बात,*
*विकास के साथ’ थीम पर हुआ आयोजन*
*राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साझा की*
*आत्मनिर्भरता और सफलता की प्रेरक कहानियां*
जैसलमेर 3 अक्टूबर। *’ ’नारी की आवाज से होगा बदलाव का आगाज, नारी की बात, विकास के साथ’’* थीम पर जिला स्तरीय नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को नगर परिषद सभागार में किया गया। इस अवसर पर जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज, जे.एल.एन. मार्ग में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअली माध्यम से जिला स्तरीय कार्यक्रम में सीधा प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए नारी शक्ति के महत्व, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा प्रदेश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने महिलाओं से विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने, उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा आत्मनिर्भर बनकर अपनी पहचान स्थापित करने का आह्वान किया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद यथार्थ शेखर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरपत सिंह भाटी, विशेषाधिकारी रोहित वर्मा, जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका हिम्मत सिंह कविया, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी चंद्रवीर सिंह भाटी, समाजसेवी कंवरराज सिंह चौहान एवं अरुण पुरोहित सहित राजीविका का स्टाफ तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं।
सफलता की कहानियों ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास
कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। महिलाओं ने स्वरोजगार, व्यवसाय एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए।
महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार एवं व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने, अपनी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिले। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और वे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा साझा की गई सफलता की प्रेरक कहानियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं।