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सीतापुर में फिर गहराया बाढ़ का खतरा, शारदा-घाघरा का बढ़ा जलस्तर
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सीतापुर। जिले में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।
सीतापुर। जिले में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, तीन बैराजों से करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से तटीय क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना दें।
पूर्व में भी सीतापुर में बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, तीन बैराजों से करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से तटीय क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना दें।
पूर्व में भी सीतापुर में बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हुए हैं।