अपराध
सीतापुर: किशोर से कुकर्म कर हत्या के दोषी को आजीवन कारावास और 50 हजार का अर्थदंड
रामकोट इलाके में डेढ़ वर्ष पूर्व हुई 14 वर्षीय किशोर की कुकर्म के बाद हत्या के मामले में अदालत ने दोषी रिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सीतापुर की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-15 ने रामकोट इलाके में डेढ़ वर्ष पूर्व एक किशोर के साथ कुकर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में दोषी रिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।
यह घटना रामकोट इलाके में 26 जनवरी 2025 की शाम को हुई थी। 14 वर्षीय किशोर घर के सामने खड़ा था, तभी गांव के ही रिंकू ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ खेतों की ओर ले गया। देर शाम तक जब किशोर घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। परिजनों को पता चला कि रिंकू उसे बातचीत करते हुए खेतों की ओर ले गया था। कुछ देर बाद रिंकू अकेला गांव की ओर आता दिखाई दिया, जबकि आरोपित को खेत के पास तेजी से गांव की ओर भागते देखा गया था।
खोजबीन के दौरान किशोर की पैंट सरसों के खेत में मिली थी और पास के नाले में उसका शव बरामद हुआ था। पिता की तहरीर पर रामकोट पुलिस ने आरोपी रिंकू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। डेढ़ वर्ष तक चली इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने रिंकू को दोषी करार दिया।
यह घटना रामकोट इलाके में 26 जनवरी 2025 की शाम को हुई थी। 14 वर्षीय किशोर घर के सामने खड़ा था, तभी गांव के ही रिंकू ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ खेतों की ओर ले गया। देर शाम तक जब किशोर घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। परिजनों को पता चला कि रिंकू उसे बातचीत करते हुए खेतों की ओर ले गया था। कुछ देर बाद रिंकू अकेला गांव की ओर आता दिखाई दिया, जबकि आरोपित को खेत के पास तेजी से गांव की ओर भागते देखा गया था।
खोजबीन के दौरान किशोर की पैंट सरसों के खेत में मिली थी और पास के नाले में उसका शव बरामद हुआ था। पिता की तहरीर पर रामकोट पुलिस ने आरोपी रिंकू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। डेढ़ वर्ष तक चली इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने रिंकू को दोषी करार दिया।