सुरजागड लौह खदान के डंपरों से सड़कें बदहाल; आवागमन में हो रही भारी परेशानी
सुरजागड लौह खदान के डंपरों से सड़कें बदहाल; आवागमन में हो रही भारी परेशानी
सुरजागड लौह खदान के डंपरों से सड़कें बदहाल; आवागमन में हो रही भारी परेशानी
एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली : गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तहसील अंतर्गत सुरजागड स्थित लौह खदान से लौह अयस्क की ढुलाई करने वाले भारी डंपरों के कारण क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लौह अयस्क की ढुलाई के लिए दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इसके चलते सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है और सड़क की स्थिति प्रभावित हो रही है। खराब सड़कों के कारण दोपहिया वाहन चालकों, छोटे वाहन चालकों तथा आम यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही, दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
विकास के नाम पर स्थानीय नागरिकों को परेशानी क्यों? यह सवाल अब क्षेत्र में उठने लगा है। यदि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार प्रशासन को इस समस्या की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करे, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराए तथा भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
अब देखना यह है कि संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब ध्यान देते हैं और नागरिकों को राहत दिलाने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।
एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली : गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तहसील अंतर्गत सुरजागड स्थित लौह खदान से लौह अयस्क की ढुलाई करने वाले भारी डंपरों के कारण क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लौह अयस्क की ढुलाई के लिए दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इसके चलते सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है और सड़क की स्थिति प्रभावित हो रही है। खराब सड़कों के कारण दोपहिया वाहन चालकों, छोटे वाहन चालकों तथा आम यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही, दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
विकास के नाम पर स्थानीय नागरिकों को परेशानी क्यों? यह सवाल अब क्षेत्र में उठने लगा है। यदि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार प्रशासन को इस समस्या की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करे, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराए तथा भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
अब देखना यह है कि संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब ध्यान देते हैं और नागरिकों को राहत दिलाने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।