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28 Sep 2026•
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स्पोर्ट्स हब बनेगा कोरबा, 2 इनडोर स्टेडियम और ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी की मिली मंजूरी

स्पोर्ट्स हब बनेगा कोरबा, 2 इनडोर स्टेडियम और ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी की मिली मंजूरी

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 30 Aug 2026, 12:38 PM 👁 58
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स्पोर्ट्स हब बनने से जहां खेलों का विकास होगा वहीं खिलाड़ियों को अपनी पहचान गढ़ने का मौका मिलेगा.

खेल प्रेमियों को खेल दिवस पर एक अच्छी खबर मिली है. हाशिए पर रहने वाले खेल और खिलाड़ी जल्द ही बेहतरीन कोचिंग के साथ जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे. एक साल के भीतर खेल के मैदान और खिलाड़ी दोनों अपनी बुलंदियों को हासिल करेंगे. जिला प्रशासन की कोशिश है कि कोरबा को स्पोर्ट्स हब के रुप में स्थापित किया जाए. जिसकी तैयारी भी शुरू हो गई है.

फिलहाल शहर के टीपी नगर इंदिरा स्टेडियम में बालको के सीएसआर फंड से 1 स्पोर्ट्स एकेडमी का संचालन हो रहा है. स्टेडियम में काफी जगह अभी भी खाली है. इस स्थान का सही उपयोग करने के लिहाज से खेलो इंडिया, स्थानीय प्रशासन और डीएमएफ फंड से बड़े कार्यों को मंजूरी मिली है. यहां एक इनडोर स्टेडियम के साथ ही ट्राइबल स्पोर्ट्स अकादमी की शुरुआत को मंजूरी मिली है. ट्राइबल बॉयज स्पोर्ट्स अकादमी के लिए एक राउंड के ट्रायल्स का आयोजन भी किया जा चुका है. यह स्पोर्ट्स अकादमी पूरी तरह से आवासीय होगा. जहां बच्चों के रहने और पढ़ाई के साथ ही उच्च स्तरीय कोचिंग मिलेगी. इसके लिए अनुभवी और एक्सपर्ट स्पोर्ट्स कोचों की नियुक्ति की जाएगी.
स्टेडियम बनेगा स्पोर्ट्स हब का सेंटर
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासनकाल में इंदिरा स्टेडियम में नगर पालिक निगम कोरबा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के बीच एमओयू हुआ था. जिसके तहत इसकी जिम्मेदारी बालको प्रबंधन को सौंपी गई है. फिलहाल यहां फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और तैराकी (स्विमिंग) जैसे खेलों के लिए स्पोर्ट्स अकादमी के रूप में विकसित करने और विशेष प्रशिक्षण देने के लिए चिन्हित किया गया है. अब इसी स्टेडियम में एक इनडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. एक सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बनाया जाएगा इसके साथ ही हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान भी स्टेडियम में बनेगा जिसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है.
स्टेडियम में ही आदिवासी विभाग द्वारा अब आदिवासी स्पोर्ट्स अकादमी की शुरुआत की जा रही है, यह स्पोर्ट्स अकादमी पूरी तरह से आवासीय होगी, खिलाड़ियों को रहने की सुविधा मिलेगी और सभी पास स्कूल में वो अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे. इस प्रस्तावित स्पोर्ट्स अकादमी में छठवीं से 12वीं तक के छात्रों को खिलाड़ी के तौर पर तैयार किया जाएगा. बालक और बालिका दोनों वर्ग में ये छात्र प्रशिक्षण लेंगे. ट्राइब बॉयज अकादमी में 40 सीट हैं, जबकि बालिका अकादमी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है. यहां एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो और तैराकी इन 4 खेलों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलेगा. ट्रायबल बॉयज अकद
मी के लिए फर्स्ट राउंड के ट्रायल्स का आयोजन भी किया जा चुका है. जल्द ही खिलाड़ियों को दाखिला देकर आगे के कार्रवाई पूरी की जाएगी.
मैदान व्यवस्थित होने के साथ ही हॉस्टल का निर्माण
फिलहाल बालको के माध्यम से जिस स्पोर्ट्स अकादमी का संचालन इंदिरा स्टेडियम में किया जा रहा है, वहां 100 सीटें स्वीकृत हैं. अब नए आदिवासी स्पोर्ट्स अकादमी के लिए अतिरिक्त हॉस्टल का निर्माण भी स्टेडियम में प्रस्तावित है. जानकारी के मुताबिक आदिवासी बालक स्पोर्ट्स अकादमी की शुरुआत इसी सत्र में की जाएगी. हॉस्टल का निर्माण आने वाले 1 साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, इसके बाद बालिकाओं को भी प्रशिक्षित करने की योजना है.
स्टेडियम में अन्य सुविधाओं का होगा विकास और विस्तार
स्टेडियम में फिलहाल तैराकी के लिए स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध है. डीएमएफ फंड से इसका और भी विस्तार किया जाएगा. आदिवासी स्पोर्ट्स अकादमी के लिए सभी इंफ्रास्ट्रक्चरल विकास के साथ यहां आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा अतिरिक्त बैडमिंटन कोर्ट और फ्लड लाइट्स नए सिरे से लगाए जाएंगे, ताकि नाइट में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था रहे और रात के समय भी खेलों का आयोजन किया जा सके. बास्केटबॉल, लॉन टेनिस और बैडमिंटन कोर्ट के विस्तार की भी योजना है.
पीजी कॉलेज में इनडोर स्टेडियम और रनिंग ट्रैक बनेंगे
स्टेडियम में आदिवासी स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना के साथ ही शहर के शासकीय ईवीपीजी लीड कॉलेज में भी खेल सुविधाओं का विस्तार होगा. यहां काफी समय पहले क्रिकेट के लिए टर्फ विकेट का निर्माण किया गया था. लेकिन रखरखाव के अभाव में वह पूरी तरह से बर्बाद हो गया है. अब नए सिरे से दूसरे खेलों का भी विस्तार यहां किया जाएगा. पीजी कॉलेज में भी 1 इनडोर स्टेडियम की सौगात जिले को मिलेगी. इसके अलावा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का भी निर्माण पीजी कॉलेज में होगा. इससे कॉलेज स्तर के खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा, वह अपनी खेल प्रतिभा को और निखार सकेंगे.
स्कूलों में तलाशी जाएंगी इनडोर स्टेडियम के संभावनाएं
जिले में औसतन 500 से 600 करोड़ का फंड प्रत्येक वर्ष खनिज न्यास मद(डीएमएफ) में मौजूद होता है. यह फंड जिले के विकास में ही खर्च किया जाता है. पूर्व की गाइडलाइन में बदलाव हुए हैं, जिसके बाद इसे अधिक से अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया है. अब स्थानीय प्रशासन द्वारा खासतौर पर खेल सुविधाओं के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है. शहर में खेलों के विकास के अलावा अब ऐसे सरकारी स्कूलों की भी पहचान की जा रही है, जहां बच्चों की दर्ज संख्या काफी अधिक है, जहां इनडोर स्टेडियम बनाने के लिए स्थान रिक्त हो और बच्चों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिले.
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा, खेल सुविधाओं के विकास के लिए पूरे जिले में खेल से जुड़ी अधोसंरचना विकास पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए खेलो इंडिया और डीएमएफ फंड का उपयोग किया जाएगा. प्रशासन और खेलो इंडिया का जो फंड है, उन्हें डीएमएफ के फंड से कन्वर्ज किया जा रहा है. प्रयास है कि खेलों का अधिक से अधिक विस्तार हो.

कलेक्टर ने कहा, इंदिरा स्टेडियम में ट्राइबल स्पोर्ट्स अकादमी की शुरूआत होगी. बालक बालिका दोनों वर्ग के लिए यह शुरूआत होगी. इनडोर स्टेडियम बनाया जाएगा. सिंथेटिक ट्रैक बनेगा हॉकी का एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम भी यहां बनेगा. उम्मीद है कि आने वाले 1 साल के भीतर इन सभी का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा.
स्टेडियम में फिलहाल बालको के सीएसआर मद से एक स्पोर्ट्स अकादमी का संचालन किया जा रहा है. वहां और भी हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा, ताकि जो आदिवासी स्पोर्ट्स अकादमी खुलेगी वहीं किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी.
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