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29 अक्टू. 2026•
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अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने झूठे हत्या मामले में 6 साल जेल में रहे निर्दोष व्यक्ति को ‘व्यवस्था का शिकार’ कहा

✍️ रिपोर्टर: Ajaruddin 🗓 29 अक्टू. 2026, 01:47 PM 👁 14
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सुप्रीम कोर्ट ने झूठे हत्या मामले में बेकसूर व्यक्ति को 6 साल जेल में रहने के बाद व्यवस्था का शिकार कहा और यूपी पुलिस की सुस्त व गैर‑जिम्मेदाराना जांच पर कड़ी नाराजगी जताई।

नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने एक हालिया सुनवाई में कहा कि एक व्यक्ति, जिसे झूठे हत्या के आरोप में छह वर्ष तक जेल में रखा गया, वास्तव में व्यवस्था का शिकार रहा। कोर्ट ने इस तथ्य को उजागर करते हुए कहा कि न्याय प्रणाली को ऐसे मामलों में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए।

विवादित मामले में अभियुक्त को बेकसूर साबित होने के बाद भी उसे छह वर्ष तक कारावास में रहना पड़ा। यह अवधि उसके जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है और न्यायिक प्रक्रिया की त्रुटियों को दर्शाती है।

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच को सुस्त और गैर‑जिम्मेदाराना बताया। न्यायालय ने कहा कि पुलिस को साक्ष्य संग्रह और जांच में तत्परता दिखानी चाहिए, ताकि निर्दोष व्यक्तियों को अनावश्यक कारावास से बचाया जा सके।

इस निर्णय से न्यायिक प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ा है और भविष्य में समान मामलों में शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई गई है।
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