🔥 TRENDING બ્રેકિંગ બેંકોની દેશવ્યાપી હડતાળ ટળી આ... Two Arrested for Displaying Criminal’s... Analyst Criticizes Taylor Swift’s ‘Cle... Taylor Swift Shines in Black‑Silver Go... Jay‑Z Confesses He Was Immature Before... Karnataka Bars Tamil Nadu Cattle Amid...
28 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Education

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में स्कूलों में बालिका सुविधाओं की होगी विशेष समीक्षा

✍️ Reporter: Pankaj Gupta 🗓 23 Sep 2026, 02:22 PM 👁 47
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

MHM क्लब गठन, स्वच्छ एवं क्रियाशील बालिका शौचालय, हैंडवॉश, डस्टबिन व इंसीनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश; सात दिन में मांगी गई आख्या।

लखनऊ। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार मामले में 1 सितंबर 2026 को दिए गए निर्णय के क्रम में प्रदेश के विद्यालयों में बालिकाओं से संबंधित सुविधाओं और माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार जनपदों में विद्यालयवार गैप को चिन्हित कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यू-डायस प्लस 2026-27 में डीसीएफ के अनुसार जिन विद्यालयों में विभिन्न बिंदुओं पर शून्य की स्थिति पाई गई है, वहां तत्काल डाटा अपडेट कराने को कहा गया है। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीआईओएस को परिषदीय, एडेड एवं निजी विद्यालयों के साथ लगातार बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। निजी व एडेड विद्यालयों का होगा निरीक्षण सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अधिक से अधिक एडेड एवं निजी विद्यालयों का भ्रमण कर बालिकाओं से फीडबैक लेने तथा सुविधाओं में कमी मिलने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाकर विद्यालयों का निरीक्षण और अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। MHM क्लब होंगे सक्रिय जनपद के सभी उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और निजी विद्यालयों में MHM (माहवारी स्वच्छता प्रबंधन) क्लब का गठन कर आगामी एक सप्ताह में उन्हें क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में बालिका शौचालय साफ-सुथरे और क्रियाशील रखने, साबुन सहित हैंडवॉश की सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक बालिका शौचालय में ढक्कनयुक्त डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। शौचालयों से जुड़े इंसीनरेटर भी क्रियाशील अवस्था में रखने होंगे।
सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान पर जोर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत इस्तेमाल किए गए सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर बालिकाओं, बालकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों के साथ लगातार जागरूकता सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी जनपदों से उपरोक्त बिंदुओं पर अगले सात दिनों के भीतर सॉफ्ट कॉपी के साथ हस्ताक्षरित प्रति में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त प्रगति रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी।
📲Get App