📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Textiles
राजनीति
संतोष तिवारी ने कोसी सीट पर निर्दलीय पर्चा भरा, शिक्षकों के लिए वेतनमान की मांग
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 01 अक्टू. 2026, 05:36 PM
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संतोष तिवारी ने कोसी स्नातक सीट पर निर्दलीय पर्चा भरा, शिक्षित बेरोजगारों के लिए 5,000 रुपये मासिक भत्ता और शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान की मांग की।
संतोष तिवारी, कोसी जिले के निवासी, ने आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में कोसी स्नातक सीट से निर्दलीय पर्चा भरा है। यह कदम तिवारी को राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश दिलाता है, क्योंकि वह शिक्षित बेरोजगार मतदाताओं के हितों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।
अपने पर्चे में तिवारी ने तीन प्रमुख मांगें प्रस्तुत की हैं। पहला, वह शिक्षित लेकिन बेरोजगार लोगों के लिए 5,000 रुपये का मासिक भत्ता प्रस्तावित करते हैं। दूसरा, वे शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू करने की माँग करते हैं, जिससे राज्य के शिक्षकों के वेतन में सुधार हो सके। तीसरा, वे पूर्णिया में छात्र संघ चुनाव कराने का आग्रह करते हैं, जिससे छात्र प्रतिनिधित्व को सुदृढ़ किया जा सके।
तिवारी का अभियान एक जमीनी स्तर का प्रयास माना जा रहा है, जिसमें युवा और शिक्षण समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वे किसी प्रमुख राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं, लेकिन उनका मंच शिक्षित कार्यबल और शिक्षा क्षेत्र की लंबी अवधि की शिकायतों को संबोधित करने का प्रयास करता है।
चुनाव प्राधिकरण ने उनका पर्चा स्वीकार कर लिया है, और अब तिवारी को कोसी सीट के विविध जनसांख्यिकीय समूह से वोट जुटाने के लिए अभियान चलाना होगा। उनका निर्दलीय उम्मीदवार होना मतदाता विभाजन का कारण बन सकता है, जिससे कोसी सीट का समग्र परिणाम प्रभावित हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी की विशिष्ट कल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने से उन मतदाताओं को आकर्षित किया जा सकता है जो मुख्यधारा के दलों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हैं, परंतु उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कोसी निर्वाचन क्षेत्र में समर्थन जुटाने में कितने सक्षम हैं।
अपने पर्चे में तिवारी ने तीन प्रमुख मांगें प्रस्तुत की हैं। पहला, वह शिक्षित लेकिन बेरोजगार लोगों के लिए 5,000 रुपये का मासिक भत्ता प्रस्तावित करते हैं। दूसरा, वे शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू करने की माँग करते हैं, जिससे राज्य के शिक्षकों के वेतन में सुधार हो सके। तीसरा, वे पूर्णिया में छात्र संघ चुनाव कराने का आग्रह करते हैं, जिससे छात्र प्रतिनिधित्व को सुदृढ़ किया जा सके।
तिवारी का अभियान एक जमीनी स्तर का प्रयास माना जा रहा है, जिसमें युवा और शिक्षण समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वे किसी प्रमुख राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं, लेकिन उनका मंच शिक्षित कार्यबल और शिक्षा क्षेत्र की लंबी अवधि की शिकायतों को संबोधित करने का प्रयास करता है।
चुनाव प्राधिकरण ने उनका पर्चा स्वीकार कर लिया है, और अब तिवारी को कोसी सीट के विविध जनसांख्यिकीय समूह से वोट जुटाने के लिए अभियान चलाना होगा। उनका निर्दलीय उम्मीदवार होना मतदाता विभाजन का कारण बन सकता है, जिससे कोसी सीट का समग्र परिणाम प्रभावित हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी की विशिष्ट कल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने से उन मतदाताओं को आकर्षित किया जा सकता है जो मुख्यधारा के दलों द्वारा उपेक्षित महसूस करते हैं, परंतु उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कोसी निर्वाचन क्षेत्र में समर्थन जुटाने में कितने सक्षम हैं।