साणंद तहसील के कुंवार गांव में अनुसूचित जाति परिवार के श्री मुकेशभाई धूळाभाई वाघेला जी के निवास स्थान पर परिजनों के साथ बैठकर सुबह का अल्पाहार ग्रहण किया।
साणंद तहसील के कुंवार गांव में अनुसूचित जाति परिवार के श्री मुकेशभाई धूळाभाई वाघेला जी के निवास स्थान पर परिजनों के साथ बैठकर सुबह का अल्पाहार ग्रहण किया।
मुकेशभाई एवं उनके परिवार के सदस्यों ने अत्यंत प्रेम, आदर और खुले दिल से मेरा स्वागत किया। परिवार द्वारा बड़े प्रेम से परोसे गए ताजे थेपलों और फलों का स्वाद सचमुच आत्मीयता से परिपूर्ण था।
गांव के नागरिकों के साथ हुई विशेष बैठक में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जी के महान विचारों और आदर्शों को स्मरण किया। हम सबको मिलकर शिक्षित बनने, आपसी भाईचारे के साथ रहने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए।
समाज में किसी भी प्रकार के ऊंच-नीच या जातिगत भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वह अपने बच्चों को उच्च और गुणवत्तायुक्त शिक्षा अवश्य दिलाएं, ताकि वह अपने परिवार और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकें।
मुकेशभाई एवं उनके परिवार के सदस्यों ने अत्यंत प्रेम, आदर और खुले दिल से मेरा स्वागत किया। परिवार द्वारा बड़े प्रेम से परोसे गए ताजे थेपलों और फलों का स्वाद सचमुच आत्मीयता से परिपूर्ण था।
गांव के नागरिकों के साथ हुई विशेष बैठक में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जी के महान विचारों और आदर्शों को स्मरण किया। हम सबको मिलकर शिक्षित बनने, आपसी भाईचारे के साथ रहने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए।
समाज में किसी भी प्रकार के ऊंच-नीच या जातिगत भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वह अपने बच्चों को उच्च और गुणवत्तायुक्त शिक्षा अवश्य दिलाएं, ताकि वह अपने परिवार और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकें।