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12 Oct 2026•
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Agriculture

समय पर जुताई से चने और मसूर की फसल पर मिलता है बेहतर लाभ

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 12 Oct 2026, 08:16 PM 👁 8
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कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर खेत की जुताई करने से चने और मसूर जैसी फसलों की पैदावार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसका लाभ किसानों को कटाई तक मिलता है।

कृषि क्षेत्र में समय पर की गई जुताई का महत्व सर्वोपरि है। विशेष रूप से चने और मसूर जैसी दलहनी फसलों के लिए, समय पर जुताई करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और खरपतवारों का नियंत्रण होता है। इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और उपज पर पड़ता है, जो किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर जुताई करने से खेत की मिट्टी भुरभुरी हो जाती है, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है। यह नमी संरक्षण में भी सहायक होता है, जो विशेषकर शुष्क मौसम में फसलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चने और मसूर की फसलें, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है, इस तकनीक से और भी अधिक लाभान्वित हो सकती हैं।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बुवाई से पूर्व अपने खेतों की जुताई मौसम और मिट्टी के प्रकार के अनुसार सही समय पर करें। इससे न केवल मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि आगामी फसल के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार होता है। समय पर जुताई का यह लाभ अंततः फसल की कटाई के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
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