Religion
सलगा पंचायत में भव्य कलश यात्रा के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, गूंजा भक्तिमय माहौल
केरेडारी प्रखंड अंतर्गत सलगा पंचायत में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और दुर्गा पूजा समिति सयानी (सलगा) के सदस्यों ने विशेष योगदान दिया।
केरेडारी प्रखंड के सलगा पंचायत में रविवार को शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक विशाल और भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही क्षेत्र में नवरात्रि का शुभारंभ हुआ, जिससे समूचा वातावरण भक्तिमय और उत्साह से सराबोर हो गया।
कलश यात्रा में सलगा पंचायत और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप से वातावरण गुंजायमान रहा। माता के प्रति लोगों की अटूट आस्था और श्रद्धा देखते ही बन रही थी, और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस यात्रा का हिस्सा बने।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दुर्गा पूजा समिति सयानी (सलगा) के अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय सदस्यों ने विशेष योगदान दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और युवतियों ने कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच चना और शरबत का वितरण किया गया, जिससे आपसी सद्भाव और सेवा का संदेश फैला।
स्थानीय लोगों में दुर्गा पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। आयोजकों ने बताया कि नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, आत्मशुद्धि और भक्ति का प्रतीक है, और ऐसे आयोजन सामुदायिक एकता व धार्मिक भावना को बल प्रदान करते हैं।
कलश यात्रा में सलगा पंचायत और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप से वातावरण गुंजायमान रहा। माता के प्रति लोगों की अटूट आस्था और श्रद्धा देखते ही बन रही थी, और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस यात्रा का हिस्सा बने।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दुर्गा पूजा समिति सयानी (सलगा) के अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय सदस्यों ने विशेष योगदान दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और युवतियों ने कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच चना और शरबत का वितरण किया गया, जिससे आपसी सद्भाव और सेवा का संदेश फैला।
स्थानीय लोगों में दुर्गा पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। आयोजकों ने बताया कि नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, आत्मशुद्धि और भक्ति का प्रतीक है, और ऐसे आयोजन सामुदायिक एकता व धार्मिक भावना को बल प्रदान करते हैं।