धर्म
सिकंदराराऊ में धूमधाम से निकली मां भगवती की विसर्जन यात्रा, गुलाल-डांस के साथ गंगा घाट पर हुआ विसर्जन
सिकंदराराऊ में विजय दशमी पर मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा धूमधाम से निकली। श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल और डीजे पर डांस करते हुए शोभायात्रा निकाली और गंगा घाट पर मां की मूर्तियों का विसर्जन किया।
सिकंदराराऊ कस्बा में दुर्गा महोत्सव के समापन पर विजय दशमी के पर्व पर मां भगवती की मूर्ति विसर्जन यात्रा बड़े ही धूमधाम के साथ निकाली गई।
मंगलवार की सुबह कस्बा के मोहल्ला नौरंगाबाद पूर्वी में श्रद्धालुओं ने मां भगवती की मूर्तियों का विधि-विधान से पूजन किया, जिसके बाद गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा कस्बा के विभिन्न मार्गों से होती हुई गुजरी।
विसर्जन यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हुए जमकर डांस किया। यात्रा में राधा-कृष्ण के स्वरूप नृत्य करते हुए आगे-आगे चल रहे थे, जबकि डीजे पर बज रहे मां भगवती के भक्ति गीतों पर युवा-युवतियां थिरकते नजर आए। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया और दिनभर शोभायात्रा का दौर जारी रहा।
धूमधाम के साथ निकली इस शोभायात्रा के बाद श्रद्धालु आस्था के साथ मां की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए गंगा घाटों के लिए रवाना हुए, जहां मां गंगा की धारा में मां जगत जननी की मूर्तियों को विसर्जित किया गया। क्षेत्र के गांवों में भी शारदीय नवरात्र में पंडाल लगाकर स्थापित की गईं मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
मंगलवार की सुबह कस्बा के मोहल्ला नौरंगाबाद पूर्वी में श्रद्धालुओं ने मां भगवती की मूर्तियों का विधि-विधान से पूजन किया, जिसके बाद गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा कस्बा के विभिन्न मार्गों से होती हुई गुजरी।
विसर्जन यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हुए जमकर डांस किया। यात्रा में राधा-कृष्ण के स्वरूप नृत्य करते हुए आगे-आगे चल रहे थे, जबकि डीजे पर बज रहे मां भगवती के भक्ति गीतों पर युवा-युवतियां थिरकते नजर आए। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया और दिनभर शोभायात्रा का दौर जारी रहा।
धूमधाम के साथ निकली इस शोभायात्रा के बाद श्रद्धालु आस्था के साथ मां की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए गंगा घाटों के लिए रवाना हुए, जहां मां गंगा की धारा में मां जगत जननी की मूर्तियों को विसर्जित किया गया। क्षेत्र के गांवों में भी शारदीय नवरात्र में पंडाल लगाकर स्थापित की गईं मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया।