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सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए की जिलाधिकारी महोदया से भावुक अपील: 10-15 वर्ष पुराने मकानों पर लेबर सेस के नोटिसों से राहत एवं वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान की रक्षा हेतु विनम्र प्रार्थना!
Rajesh mandal
नोएडा। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105, नोएडा ने जनपद की संवेदनशील एवं कुशल जिलाधिकारी महोदया को एक भावुक प्रार्थना पत्र प्रेषित कर 10-15 वर्ष पूर्व निर्मित मकानों पर उप श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा भेजे जा रहे 'लेबर सेस' (निर्माण उपकर) के नोटिसों से राहत दिलाने की विनम्र अपील की है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष श्री दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि सेक्टर में अधिकांश निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी एवं वरिष्ठ नागरिक हैं। वर्ष 2017-18 के सैटेलाइट सर्वे के आधार पर बिना धरातलीय जांच के निर्माण लागत बढ़ाकर भारी ब्याज व दंड के साथ कालबाधित नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे बुजुर्ग नागरिक गहरे मानसिक और आर्थिक तनाव में हैं।
विभागीय रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण उन नागरिकों को भी पुनः नोटिस मिल रहे हैं जो पूर्व में ही अपना भुगतान कर चुके हैं। उदाहरण स्वरूप, सेक्टर की 80 वर्षीया श्रीमती लीला राजन (मकान सं. B-15) द्वारा वर्ष 2019 में भुगतान और जून 2026 में सभी साक्ष्य जमा कराने के बावजूद उन्हें अगस्त 2026 में फिर से नोटिस भेज दिया गया। इसी प्रकार, नोएडा प्राधिकरण से वैध लीज डीड और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC) प्राप्त कर रीसेल में मकान खरीदने वाले नए परिवारों पर भी वर्षों पुरानी देनदारियां थोपी जा रही हैं।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 जिला प्रशासन से नम्र निवेदन करता है कि 10-15 वर्ष पुराने व्यक्तिगत निर्माणों पर जारी अव्यवहारिक एवं कालबाधित नोटिसों को मानवीय आधार पर निरस्त किया जाए। जिन निवासियों ने सेस का भुगतान कर दिया है, उनके रिकॉर्ड को प्राथमिकता से अपडेट कर उन्हें 'देयता मुक्त प्रमाण पत्र' प्रदान किया जाए। साथ ही नोएडा प्राधिकरण से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त व्यक्तिगत मकानों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि यह पत्र किसी आलोचना हेतु नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की व्यथा को प्रशासन के समक्ष रखने की एक विनम्र पहल है। निवासियों को पूर्ण विश्वास है कि जिलाधिकारी महोदया का संवेदनशील नेतृत्व इस मानवीय वेदना को समझकर सेक्टर-105 के निवासियों को शीघ्र न्याय व राहत प्रदान करेगा।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष श्री दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि सेक्टर में अधिकांश निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी एवं वरिष्ठ नागरिक हैं। वर्ष 2017-18 के सैटेलाइट सर्वे के आधार पर बिना धरातलीय जांच के निर्माण लागत बढ़ाकर भारी ब्याज व दंड के साथ कालबाधित नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे बुजुर्ग नागरिक गहरे मानसिक और आर्थिक तनाव में हैं।
विभागीय रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण उन नागरिकों को भी पुनः नोटिस मिल रहे हैं जो पूर्व में ही अपना भुगतान कर चुके हैं। उदाहरण स्वरूप, सेक्टर की 80 वर्षीया श्रीमती लीला राजन (मकान सं. B-15) द्वारा वर्ष 2019 में भुगतान और जून 2026 में सभी साक्ष्य जमा कराने के बावजूद उन्हें अगस्त 2026 में फिर से नोटिस भेज दिया गया। इसी प्रकार, नोएडा प्राधिकरण से वैध लीज डीड और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC) प्राप्त कर रीसेल में मकान खरीदने वाले नए परिवारों पर भी वर्षों पुरानी देनदारियां थोपी जा रही हैं।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 जिला प्रशासन से नम्र निवेदन करता है कि 10-15 वर्ष पुराने व्यक्तिगत निर्माणों पर जारी अव्यवहारिक एवं कालबाधित नोटिसों को मानवीय आधार पर निरस्त किया जाए। जिन निवासियों ने सेस का भुगतान कर दिया है, उनके रिकॉर्ड को प्राथमिकता से अपडेट कर उन्हें 'देयता मुक्त प्रमाण पत्र' प्रदान किया जाए। साथ ही नोएडा प्राधिकरण से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त व्यक्तिगत मकानों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि यह पत्र किसी आलोचना हेतु नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की व्यथा को प्रशासन के समक्ष रखने की एक विनम्र पहल है। निवासियों को पूर्ण विश्वास है कि जिलाधिकारी महोदया का संवेदनशील नेतृत्व इस मानवीय वेदना को समझकर सेक्टर-105 के निवासियों को शीघ्र न्याय व राहत प्रदान करेगा।