Agriculture
सागर कलेक्टर ने किसानों के हित में रबी फसल के लिए सख्त निर्देश जारी
सागर के कलेक्टर प्रतिभा पाल ने रबी फसल की तैयारियों, नरवाई प्रबंधन और मंडियों के संचालन पर कृषि विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर सख्त निर्देश दिए।
सागर के कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रबी फसल (2026) की तैयारियों, नरवाई प्रबंधन और मंडियों के संचालन को लेकर कृषि विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में मंडियों के संचालन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अगले 7 दिनों के भीतर सभी मंडियों में खरीदी‑बिक्री को नियमित और सुचारू रूप से शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन पर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के हार्वेस्टर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। नरवाई जलाने की घटनाओं पर केवल समझाइश नहीं, बल्कि परिणाम‑मूलक और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद की पर्याप्त मात्रा, भौतिक सत्यापन और अवैध वसूली पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती करने वाले और आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ ले रहे प्रगतिशील किसानों (श्री करण यादव और श्री भूपेन्द्र) से चर्चा की और अन्य किसानों व युवाओं को उन्नत खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कृषि योजनाओं के तहत कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर और AIF योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मंडियों के संचालन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अगले 7 दिनों के भीतर सभी मंडियों में खरीदी‑बिक्री को नियमित और सुचारू रूप से शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन पर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के हार्वेस्टर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। नरवाई जलाने की घटनाओं पर केवल समझाइश नहीं, बल्कि परिणाम‑मूलक और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद की पर्याप्त मात्रा, भौतिक सत्यापन और अवैध वसूली पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती करने वाले और आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ ले रहे प्रगतिशील किसानों (श्री करण यादव और श्री भूपेन्द्र) से चर्चा की और अन्य किसानों व युवाओं को उन्नत खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कृषि योजनाओं के तहत कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर और AIF योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।