📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / करीर at hi.wikipedia
स्वास्थ्य
सागर प्रशासन ने जहरीली शराब कांड के बाद 100 से अधिक पंचायतों में नशामुक्ति अभियान शुरू किया
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 08 सित. 2026, 09:41 PM
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जहरीली शराब की घटना के बाद सागर जिला प्रशासन ने 9 से 19 सितंबर तक 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में दो पालियों में नशामुक्ति अभियान चलाने का आदेश दिया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के प्रशासन ने बंडा‑शाहगढ़ क्षेत्र की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। यह कदम जहरीली शराब की हालिया घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में शराब के सेवन को रोकने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
9 से 19 सितंबर तक दो पालियों में काम किया जाएगा, जिसमें घर‑घर जाकर जानकारी देना, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करना और सूचना सामग्री वितरित करना शामिल है। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पुलिस इस अभियान में सहयोग करेंगे, विशेषकर उन गांवों में जहाँ शराब‑संबंधी रोग की रिपोर्ट अधिक है।
यह अभियान अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के व्यापक कदम का हिस्सा है; प्रशासन ने शराब के तस्करी पर निगरानी कड़ी करने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वे संदिग्ध शराब बनाने की गतिविधियों की सूचना दें और यदि उन्हें संदेह हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
हालांकि इस कांड में हुए नुकसान की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया इस क्षेत्र में अवैध शराब के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
नशामुक्ति अभियान 19 सितंबर को समाप्त होगा, उसके बाद अधिकारियों द्वारा इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे के कदम तय किए जाएंगे।
9 से 19 सितंबर तक दो पालियों में काम किया जाएगा, जिसमें घर‑घर जाकर जानकारी देना, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करना और सूचना सामग्री वितरित करना शामिल है। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पुलिस इस अभियान में सहयोग करेंगे, विशेषकर उन गांवों में जहाँ शराब‑संबंधी रोग की रिपोर्ट अधिक है।
यह अभियान अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के व्यापक कदम का हिस्सा है; प्रशासन ने शराब के तस्करी पर निगरानी कड़ी करने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वे संदिग्ध शराब बनाने की गतिविधियों की सूचना दें और यदि उन्हें संदेह हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
हालांकि इस कांड में हुए नुकसान की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया इस क्षेत्र में अवैध शराब के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
नशामुक्ति अभियान 19 सितंबर को समाप्त होगा, उसके बाद अधिकारियों द्वारा इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे के कदम तय किए जाएंगे।