Defence
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग। समाहरणालय भवन
दुर्गापूजा एवं दशहरा पर्व को लेकर विधि व्यवस्था एवं शांति समिति की बैठक,जिला प्रशासन ने जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश*
दुर्गापूजा एवं दशहरा पर्व के अवसर पर जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा पर्व के शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन को लेकर आज उपायुक्त श्री हेमन्त सती एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक की गई।
बैठक में पूर्व के आयोजनों के बारे में चर्चा की गई तथा शांति समिति के सदस्यों द्वारा आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए जिला प्रशासन ने कई दिशा निर्देश दिए।
जिला प्रशासन, हजारीबाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 से नवरात्र के साथ दुर्गापूजा, 18 अक्टूबर को महासप्तमी, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी एवं महानवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी/दशहरा का पर्व मनाए जाना है। पर्व के दौरान विभिन्न पूजा समितियों द्वारा पूजा पंडालों का निर्माण कर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु पूजा समितियों, आम लोगों एवं सोशल मीडिया के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
*दुर्गापूजा-2026 : आवश्यक दिशा-निर्देश*
===============
*पूजा पंडाल एवं पूजा समितियों के लिए*
===============
*क्या करें (Do’s)*
1. पंडाल निर्माण में नायलॉन, सिंथेटिक एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करें।
2. सभी मार्गों एवं पूजा पंडालों के आसपास साफ-सफाई एवं समुचित प्रकाश की व्यवस्था करें।
3. भीड़ नियंत्रण हेतु बैरिकेडिंग तथा पुरुष एवं महिला के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था करें।
4. प्रत्येक पंडाल में पहचान-पत्र एवं ड्रेस कोड के साथ वॉलेन्टियर की व्यवस्था करें।
5. वॉलेन्टियर की सूची मोबाइल नंबर सहित संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं।
6. सभी छोटे-बड़े पंडालों में निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरा एवं एलईडी स्क्रीन लगाएं तथा लगातार मॉनिटरिंग करें।
7. निर्बाध बिजली व्यवस्था के लिए इन्वर्टर/जेनरेटर की व्यवस्था रखें।
8. प्रत्येक पंडाल में फर्स्ट एड किट रखें तथा नजदीकी अस्पताल से पूर्व समन्वय स्थापित करें।
9. पंडाल में रखे दीपक आदि के आसपास पर्याप्त सावधानी बरतें।
10. प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन सामग्री एवं अग्नि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि उपकरण एक्सपायर न हों।
11. आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड/फायर फाइटर हेतु आवागमन का मार्ग सुगम रखें।
12. पंडाल/मेला से पर्याप्त दूरी पर पार्किंग व्यवस्था चिह्नित करें।
15. अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी, पीडब्ल्यूडी से मजबूतीकरण एवं बिजली विभाग से बिजली वायर के सही कनेक्शन से संबंधित प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।
16. सुरक्षा, सीसीटीवी/ड्रोन कैमरा इत्यादि से संबंधित आवश्यक Undertaking उपलब्ध कराएं।
17. प्रत्येक पंडाल में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था रखें।
18. रावण दहन के दिन एम्बुलेंस की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश।
================
*2. आम जनता के लिए*
================
*क्या करें (Do’s)*
1. शहर के किसी भी पंडाल के भ्रमण के दौरान हरसंभव प्रयास करें कि वाहन का उपयोग कम या नहीं के बराबर किया जाए।
2. पंडाल भ्रमण के दौरान बच्चों की जेब में नाम, पता एवं फोन नंबर लिखी पर्ची रखें।
3. मोटरसाइकिल में डबल लॉक सिस्टम का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।
4. पंडालों के आसपास लगाए गए आवश्यक सूचनाओं से संबंधित फ्लैक्स बोर्ड/होर्डिंग में दिए गए निर्देशों का पालन करें।
5. किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध वस्तु की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिसकर्मी/पदाधिकारी को दें।
6. आपातकालीन स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 8002529349, डायल-112 अथवा संबंधित पुलिस पदाधिकारी से संपर्क करें।
*क्या न करें (Dont's)*
================
1. पंडाल भ्रमण के दौरान कीमती सामानों एवं गहनों का प्रयोग करने से बचें।
2. संदिग्ध बैग, खिलौना गाड़ी अथवा अन्य संदिग्ध वस्तुओं को किसी भी स्थिति में न छुएं।
3. आपराधिक तत्वों द्वारा छेड़खानी, छिनतई, पॉकेटमारी आदि की घटना को अंजाम देने की आशंका होने पर स्वयं कार्रवाई न करें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें।
4. असामाजिक तत्वों द्वारा पंडाल या उसके आसपास अथवा मार्ग में रखी गई किसी आपत्तिजनक वस्तु को स्वयं न हटाएं।
================
*3. सोशल मीडिया के लिए*
===============
*क्या करें (Do’s)*
1. किसी आपत्तिजनक, उत्तेजक, भ्रामक अथवा अफवाह से संबंधित संवाद या तस्वीर की सूचना साइबर थाना, संबंधित थाना/ पुलिस पदाधिकारियों को दें।
2. आपातकालीन स्थिति में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
*क्या न करें (Don’ts)*
1. कोई आपत्तिजनक, उत्तेजक, भ्रामक अथवा अफवाह से संबंधित संवाद या तस्वीर प्रसारित न करें।
2. बिना सत्यापन के किसी सूचना अथवा संदेश को आगे प्रसारित न करें।
3. साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
अंत में जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दी।
बैठक में पूर्व के आयोजनों के बारे में चर्चा की गई तथा शांति समिति के सदस्यों द्वारा आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए जिला प्रशासन ने कई दिशा निर्देश दिए।
जिला प्रशासन, हजारीबाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026 से नवरात्र के साथ दुर्गापूजा, 18 अक्टूबर को महासप्तमी, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी एवं महानवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी/दशहरा का पर्व मनाए जाना है। पर्व के दौरान विभिन्न पूजा समितियों द्वारा पूजा पंडालों का निर्माण कर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु पूजा समितियों, आम लोगों एवं सोशल मीडिया के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
*दुर्गापूजा-2026 : आवश्यक दिशा-निर्देश*
===============
*पूजा पंडाल एवं पूजा समितियों के लिए*
===============
*क्या करें (Do’s)*
1. पंडाल निर्माण में नायलॉन, सिंथेटिक एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करें।
2. सभी मार्गों एवं पूजा पंडालों के आसपास साफ-सफाई एवं समुचित प्रकाश की व्यवस्था करें।
3. भीड़ नियंत्रण हेतु बैरिकेडिंग तथा पुरुष एवं महिला के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था करें।
4. प्रत्येक पंडाल में पहचान-पत्र एवं ड्रेस कोड के साथ वॉलेन्टियर की व्यवस्था करें।
5. वॉलेन्टियर की सूची मोबाइल नंबर सहित संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं।
6. सभी छोटे-बड़े पंडालों में निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरा एवं एलईडी स्क्रीन लगाएं तथा लगातार मॉनिटरिंग करें।
7. निर्बाध बिजली व्यवस्था के लिए इन्वर्टर/जेनरेटर की व्यवस्था रखें।
8. प्रत्येक पंडाल में फर्स्ट एड किट रखें तथा नजदीकी अस्पताल से पूर्व समन्वय स्थापित करें।
9. पंडाल में रखे दीपक आदि के आसपास पर्याप्त सावधानी बरतें।
10. प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन सामग्री एवं अग्नि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि उपकरण एक्सपायर न हों।
11. आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड/फायर फाइटर हेतु आवागमन का मार्ग सुगम रखें।
12. पंडाल/मेला से पर्याप्त दूरी पर पार्किंग व्यवस्था चिह्नित करें।
15. अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी, पीडब्ल्यूडी से मजबूतीकरण एवं बिजली विभाग से बिजली वायर के सही कनेक्शन से संबंधित प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।
16. सुरक्षा, सीसीटीवी/ड्रोन कैमरा इत्यादि से संबंधित आवश्यक Undertaking उपलब्ध कराएं।
17. प्रत्येक पंडाल में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था रखें।
18. रावण दहन के दिन एम्बुलेंस की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश।
================
*2. आम जनता के लिए*
================
*क्या करें (Do’s)*
1. शहर के किसी भी पंडाल के भ्रमण के दौरान हरसंभव प्रयास करें कि वाहन का उपयोग कम या नहीं के बराबर किया जाए।
2. पंडाल भ्रमण के दौरान बच्चों की जेब में नाम, पता एवं फोन नंबर लिखी पर्ची रखें।
3. मोटरसाइकिल में डबल लॉक सिस्टम का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।
4. पंडालों के आसपास लगाए गए आवश्यक सूचनाओं से संबंधित फ्लैक्स बोर्ड/होर्डिंग में दिए गए निर्देशों का पालन करें।
5. किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध वस्तु की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिसकर्मी/पदाधिकारी को दें।
6. आपातकालीन स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 8002529349, डायल-112 अथवा संबंधित पुलिस पदाधिकारी से संपर्क करें।
*क्या न करें (Dont's)*
================
1. पंडाल भ्रमण के दौरान कीमती सामानों एवं गहनों का प्रयोग करने से बचें।
2. संदिग्ध बैग, खिलौना गाड़ी अथवा अन्य संदिग्ध वस्तुओं को किसी भी स्थिति में न छुएं।
3. आपराधिक तत्वों द्वारा छेड़खानी, छिनतई, पॉकेटमारी आदि की घटना को अंजाम देने की आशंका होने पर स्वयं कार्रवाई न करें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें।
4. असामाजिक तत्वों द्वारा पंडाल या उसके आसपास अथवा मार्ग में रखी गई किसी आपत्तिजनक वस्तु को स्वयं न हटाएं।
================
*3. सोशल मीडिया के लिए*
===============
*क्या करें (Do’s)*
1. किसी आपत्तिजनक, उत्तेजक, भ्रामक अथवा अफवाह से संबंधित संवाद या तस्वीर की सूचना साइबर थाना, संबंधित थाना/ पुलिस पदाधिकारियों को दें।
2. आपातकालीन स्थिति में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
*क्या न करें (Don’ts)*
1. कोई आपत्तिजनक, उत्तेजक, भ्रामक अथवा अफवाह से संबंधित संवाद या तस्वीर प्रसारित न करें।
2. बिना सत्यापन के किसी सूचना अथवा संदेश को आगे प्रसारित न करें।
3. साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
अंत में जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दी।