📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nagpurjournalism
राजनीति
आरएसएस के प्रमुख एम.एस. भगवत ने कहा भारत की पहचान विविधता में है
✍️ nagalandpost.com
🗓 03 अक्टू. 2026, 07:17 PM
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आरएसएस के प्रमुख एम.एस. भगवत ने बताया कि भारत की पहचान विविधता में निहित है, विविध संस्कृतियों के बीच एकता पर बल दिया।
आरएसएस के प्रमुख एम.एस. भगवत ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में निहित है। उन्होंने बताया कि राष्ट्र की ताकत उसके विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं से आती है।
भगवत ने जोर दिया कि एकता का मतलब समानता नहीं है, बल्कि भिन्नताओं के प्रति साझा सम्मान है। उन्होंने नागरिकों को इस बहुलवाद को राष्ट्र के मूल मूल्य के रूप में मनाने का आह्वान किया।
यह बयान आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे दृष्टिकोण को दर्शाता है कि भारत का सामाजिक ताना-बाना कई धागों से बना है, जिनमें से प्रत्येक राष्ट्र की समग्र पहचान में योगदान देता है।
भगवत ने जोर दिया कि एकता का मतलब समानता नहीं है, बल्कि भिन्नताओं के प्रति साझा सम्मान है। उन्होंने नागरिकों को इस बहुलवाद को राष्ट्र के मूल मूल्य के रूप में मनाने का आह्वान किया।
यह बयान आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे दृष्टिकोण को दर्शाता है कि भारत का सामाजिक ताना-बाना कई धागों से बना है, जिनमें से प्रत्येक राष्ट्र की समग्र पहचान में योगदान देता है।