📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vishal Dutta
धर्म
आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने जबलपुर में स्वयंसेवकों के अनुकरणीय व्यवहार की अपील
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 25 अक्टू. 2026, 11:31 AM
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जबलपुर में आयोजित कार्यकर्ता मिलन में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ की वास्तविक पहचान उसके स्वयंसेवकों के आचरण से बनती है और उन्हें समाज के लिए अनुकरणीय बनना चाहिए।
आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने जबलपुर में आयोजित कार्यकर्ता मिलन में कहा कि संघ की सच्ची पहचान उसके स्वयंसेवकों के आचरण में निहित है। उन्होंने बताया कि नारे नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के कार्य ही संगठन की पहचान बनाते हैं।
भागवत ने स्वयंसेवकों से अनुरोध किया कि वे ऐसा व्यवहार अपनाएँ जो समाज के लिए एक मानक बन सके। उन्होंने ईमानदारी, विनम्रता और सार्वजनिक सेवा को आवश्यक गुण बताया, यह कहते हुए कि जब स्वयंसेवक जिम्मेदारी से कार्य करते हैं तो संघ की विश्वसनीयता बढ़ती है और सामाजिक सौहार्द में योगदान मिलता है।
यह बयान राज्य भर में आयोजित कई आंतरिक बैठकों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संगठनात्मक अनुशासन को सुदृढ़ करना है। विश्लेषकों का मानना है कि स्वयंसेवकों के आचरण पर यह ज़ोर आरएसएस की सामाजिक रूप से जिम्मेदार छवि बनाने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
भागवत ने स्वयंसेवकों से अनुरोध किया कि वे ऐसा व्यवहार अपनाएँ जो समाज के लिए एक मानक बन सके। उन्होंने ईमानदारी, विनम्रता और सार्वजनिक सेवा को आवश्यक गुण बताया, यह कहते हुए कि जब स्वयंसेवक जिम्मेदारी से कार्य करते हैं तो संघ की विश्वसनीयता बढ़ती है और सामाजिक सौहार्द में योगदान मिलता है।
यह बयान राज्य भर में आयोजित कई आंतरिक बैठकों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संगठनात्मक अनुशासन को सुदृढ़ करना है। विश्लेषकों का मानना है कि स्वयंसेवकों के आचरण पर यह ज़ोर आरएसएस की सामाजिक रूप से जिम्मेदार छवि बनाने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।