📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office, Government of India
सरकारी योजना
12 साल में DBT से 53 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों को
✍️ Eastern Mirror
🗓 29 अग. 2026, 03:21 AM
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सरकार ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में Direct Benefit Transfer (DBT) प्रणाली के माध्यम से 53 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों को भेजे गए, जिनमें अधिकांश राशि Jan Dhan खातों में गई।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि पिछले बारह वर्षों में Direct Benefit Transfer (DBT) तंत्र के माध्यम से सरकार के लाभार्थियों को कुल 53 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। यह आंकड़ा सभी नकद सहायता, सब्सिडी और पेंशन भुगतान को सम्मिलित करता है, जो इस डिजिटल प्रणाली के आरम्भ से हो चुके हैं।
DBT का उद्देश्य लाभ वितरण में मध्यस्थों को हटाकर धनराशि को सीधे प्राप्तकर्ता के बैंक खाते में भेजना है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और लीक कम हो। यह योजना विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तर के कार्यक्रमों में तेज़ और स्पष्ट भुगतान सुनिश्चित करती है।
डेटा से स्पष्ट है कि इन सभी हस्तांतरणों में अधिकांश राशि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खातों में जमा हुई है। जन धन खाते, जो अनबैंक्ड परिवारों को बुनियादी बैंकिंग सुविधा देते हैं, DBT भुगतान का मुख्य माध्यम बन चुके हैं।
अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार और लाभार्थी डेटाबेस का एकीकरण ही इस बड़े पैमाने पर हस्तांतरण को संभव बना रहा है। भविष्य में भी सरकार इस प्रणाली को सुदृढ़ करने की योजना बना रही है, ताकि भुगतान समय पर और सही लाभार्थियों तक पहुँचे।
DBT का उद्देश्य लाभ वितरण में मध्यस्थों को हटाकर धनराशि को सीधे प्राप्तकर्ता के बैंक खाते में भेजना है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और लीक कम हो। यह योजना विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तर के कार्यक्रमों में तेज़ और स्पष्ट भुगतान सुनिश्चित करती है।
डेटा से स्पष्ट है कि इन सभी हस्तांतरणों में अधिकांश राशि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खातों में जमा हुई है। जन धन खाते, जो अनबैंक्ड परिवारों को बुनियादी बैंकिंग सुविधा देते हैं, DBT भुगतान का मुख्य माध्यम बन चुके हैं।
अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार और लाभार्थी डेटाबेस का एकीकरण ही इस बड़े पैमाने पर हस्तांतरण को संभव बना रहा है। भविष्य में भी सरकार इस प्रणाली को सुदृढ़ करने की योजना बना रही है, ताकि भुगतान समय पर और सही लाभार्थियों तक पहुँचे।