📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kgbo
स्थानीय
मध्य प्रदेश में 26 करोड़ की इमारत डेढ़ साल से बंद
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 सित. 2026, 01:32 PM
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मध्य प्रदेश की 26 करोड़ की इमारत डेढ़ साल से उपयोग में नहीं है, जिससे निष्क्रिय संपत्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
लगभग 26 करोड़ रुपये मूल्य की इस व्यावसायिक इमारत को पिछले डेढ़ साल से बंद रखा गया है, जैसा कि स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है। अभी तक इस दीर्घकालिक बंद रहने के कारणों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं मिला है, और इमारत खाली पड़ी हुई है। स्थानीय प्राधिकरणों से इस संरचना की स्थिति की जांच करने और किसी भी नियामक या वित्तीय पहलू का मूल्यांकन करने का आग्रह किया गया है। संभावित किरायेदारों और निवेशकों सहित कई हितधारक इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इमारत अभी भी निष्क्रिय है। इस विस्तारित बंद रहने से प्रदेश में पूंजी उपयोग से जुड़ी चुनौतियों का पता चलता है।
इमारत की निष्क्रियता ने मध्य प्रदेश में बड़े निवेश के प्रभावी उपयोग पर सवाल उठाए हैं। जबकि मालिकाना हक और इरादा स्पष्ट नहीं है, इस लंबी अवधि की खालीपन को क्षेत्र के आर्थिक गतिविधियों में नुकसान माना जा रहा है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे आगामी नगरपालिका बैठकों में इस मुद्दे को उठाएंगे।
समुदाय के लोगों ने इमारत के लंबे समय तक निष्क्रिय रहने को सुरक्षा जोखिम के रूप में देखा है। संपत्ति की स्थिति की पारदर्शी समीक्षा की मांग की जा रही है, ताकि यह निवेश अंततः अपने निर्धारित उद्देश्य—व्यावसायिक या अन्य—को पूरा कर सके।
इमारत की निष्क्रियता ने मध्य प्रदेश में बड़े निवेश के प्रभावी उपयोग पर सवाल उठाए हैं। जबकि मालिकाना हक और इरादा स्पष्ट नहीं है, इस लंबी अवधि की खालीपन को क्षेत्र के आर्थिक गतिविधियों में नुकसान माना जा रहा है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे आगामी नगरपालिका बैठकों में इस मुद्दे को उठाएंगे।
समुदाय के लोगों ने इमारत के लंबे समय तक निष्क्रिय रहने को सुरक्षा जोखिम के रूप में देखा है। संपत्ति की स्थिति की पारदर्शी समीक्षा की मांग की जा रही है, ताकि यह निवेश अंततः अपने निर्धारित उद्देश्य—व्यावसायिक या अन्य—को पूरा कर सके।