📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Admantine123
राजनीति
आरजेडी ने पटना मार्च में कागज़ लीक और बिहार के युवाओं की बेरोज़गारी पर विरोध किया
✍️ news18.com
🗓 20 अग. 2026, 04:36 AM
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राष्ट्रवादी जनता दल के कार्यकर्ताओं ने पटना में मार्च किया, परीक्षा कागज़ लीक की जांच और बिहार के युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी पर ध्यान आकर्षित किया।
कई आरजेडी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पटना के मुख्य मार्गों पर मार्च किया, जिससे हालिया परीक्षा कागज़ लीक के आरोपों पर विरोध प्रकट हुआ। यह प्रदर्शन राज्य इकाई द्वारा आयोजित किया गया था और बिहार सचिवालय में समाप्त हुआ, जहाँ भाग लेने वालों ने तेज़ जांच की मांग करने वाले बैनर लहराए।
प्रदर्शकों ने बिहार के युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी की भी चिंता जताई, सरकार से कौशल विकास कार्यक्रमों को तुरंत लागू करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया। आरजेडी नेताओं ने कहा कि कागज़ लीक और नौकरी की कमी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
पार्टी के प्रतिनिधियों ने शिक्षा प्रणाली की अखंडता और बिहार के युवाओं के आर्थिक भविष्य को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से एक स्वतंत्र जांच समिति स्थापित करने और युवा रोजगार के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह प्रदर्शन बजट चर्चा से पहले प्रशासन पर दबाव बनाता है, जिसमें शिक्षा सुधार और नौकरी सृजन योजनाओं पर विचार हो सकता है।
यह मार्च बिहार में राजनीतिक तनाव को दर्शाता है, जहाँ विपक्षी दल अक्सर शासन और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर जनता को जुटाते हैं।
प्रदर्शकों ने बिहार के युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी की भी चिंता जताई, सरकार से कौशल विकास कार्यक्रमों को तुरंत लागू करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया। आरजेडी नेताओं ने कहा कि कागज़ लीक और नौकरी की कमी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
पार्टी के प्रतिनिधियों ने शिक्षा प्रणाली की अखंडता और बिहार के युवाओं के आर्थिक भविष्य को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से एक स्वतंत्र जांच समिति स्थापित करने और युवा रोजगार के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
राज्य अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह प्रदर्शन बजट चर्चा से पहले प्रशासन पर दबाव बनाता है, जिसमें शिक्षा सुधार और नौकरी सृजन योजनाओं पर विचार हो सकता है।
यह मार्च बिहार में राजनीतिक तनाव को दर्शाता है, जहाँ विपक्षी दल अक्सर शासन और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर जनता को जुटाते हैं।