📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Habib.my
स्वास्थ्य
बिहार में युवाओं में बढ़ता हार्ट अटैक खतरा: प्रदूषण व जीवनशैली मुख्य कारण
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 28 सित. 2026, 11:00 AM
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हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में युवाओं में हार्ट अटैक की घटनाएँ बढ़ रही हैं, मुख्य कारण प्रदूषण और खराब जीवनशैली हैं।
पटना स्थित हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि बिहार में अब हार्ट अटैक केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बीस‑तीस के उम्र के युवाओं में भी इसकी घटनाएँ बढ़ रही हैं।
डॉक्टरों ने दो मुख्य कारणों की ओर इशारा किया: राज्य भर में बढ़ता प्रदूषण स्तर और असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी तथा प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन। ये दोनों कारक दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और अनियमित धड़कन का जोखिम बढ़ाते हैं।
स्वस्थ वयस्क का हृदय औसतन एक मिनट में लगभग 72 बार धड़कता है, और एक भी अनियमित धड़कन गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर नियमित जांच, संतुलित आहार और रोज़ाना व्यायाम को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों से अपील है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज़ करें और युवाओं को लक्षित जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस जोखिम को कम करने के लिए प्रेरित करें।
डॉक्टरों ने दो मुख्य कारणों की ओर इशारा किया: राज्य भर में बढ़ता प्रदूषण स्तर और असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी तथा प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन। ये दोनों कारक दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और अनियमित धड़कन का जोखिम बढ़ाते हैं।
स्वस्थ वयस्क का हृदय औसतन एक मिनट में लगभग 72 बार धड़कता है, और एक भी अनियमित धड़कन गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर नियमित जांच, संतुलित आहार और रोज़ाना व्यायाम को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों से अपील है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज़ करें और युवाओं को लक्षित जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस जोखिम को कम करने के लिए प्रेरित करें।