📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
बिज़नेस
ऊँची ईंधन कीमतें और कड़ी वित्तीय स्थितियाँ वैश्विक मांग को दबा रही हैं, नीलकंठ मिश्रा ने कहा
✍️ Asianet Newsable
🗓 03 अक्टू. 2026, 09:37 PM
👁 13
एशियनएट न्यूज़ेबल के नीलकंठ मिश्रा ने बताया कि बढ़ती ईंधन कीमतें और सीमित वित्तीय संसाधन वैश्विक मांग को दबा रहे हैं।
एशियनएट न्यूज़ेबल के वरिष्ठ विश्लेषक नीलकंठ मिश्रा ने बताया कि ईंधन कीमतों में तेज़ी से वैश्विक मांग पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तेल‑गैस की कीमतों में उछाल से उत्पादन लागत में वृद्धि हो रही है, जिससे उपभोक्ता खर्च में कमी आ रही है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि वित्तीय स्थितियों में कड़ाई आई है, विशेषकर उभरते बाजारों में, जिससे निवेश में गिरावट और आर्थिक गति में मंदी आ रही है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और सीमित क्रेडिट दोनों ही वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को दबा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन कीमतों में स्थिरता और वित्तीय सुविधा में सुधार न होने पर यह मंदी अपेक्षा से अधिक समय तक चल सकती है। मिश्रा ने नीति निर्माताओं से ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और क्रेडिट प्रवाह को आसान बनाने के लिए समन्वित कदम उठाने का आग्रह किया।
मिश्रा ने यह भी कहा कि वित्तीय स्थितियों में कड़ाई आई है, विशेषकर उभरते बाजारों में, जिससे निवेश में गिरावट और आर्थिक गति में मंदी आ रही है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और सीमित क्रेडिट दोनों ही वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को दबा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन कीमतों में स्थिरता और वित्तीय सुविधा में सुधार न होने पर यह मंदी अपेक्षा से अधिक समय तक चल सकती है। मिश्रा ने नीति निर्माताओं से ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और क्रेडिट प्रवाह को आसान बनाने के लिए समन्वित कदम उठाने का आग्रह किया।